भुवनेश्वर , जून 17 -- ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने पहली से आठवीं कक्षा की नयी ओड़िआ पाठ्यपुस्तकों में छपी गलतियों पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए चेतावनी दी कि इसके जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी।
इस मुद्दे की जांच के लिए, मुख्यमंत्री ने विकास आयुक्त की अध्यक्षता में एक तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया और इसे सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया। श्री माझी ने राज्य सरकार के स्कूलों में उपयोग की जाने वाली पाठ्यपुस्तकों में पायी गयी विसंगतियों पर लोक सेवा भवन में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह निर्देश जारी किया। इस बैठक में स्कूल और जनशिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड, मुख्य सचिव अनु गर्ग और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने समीक्षा के दौरान, तत्काल सुधारात्मक उपाय करने के निर्देश दिए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पहचानी गयी गलतियों को बिना किसी देरी के सुधारा जाए। अधिकारियों ने कहा कि समिति उस प्रक्रिया की जांच करेगी जिसके कारण गलतियों का प्रकाशन हुआ और अपनी सिफारिशें सौंपेगी। निष्कर्षों के आधार पर, सरकार जिम्मेदार पाए जाने वाले अधिकारियों या संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू करेगी।
इस बीच, विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) ने पहली से आठवीं कक्षा की पाठ्यपुस्तकों को वापस लेने की मांग की और आरोप लगाया कि इनमें भाषा, तथ्यात्मक सटीकता और सांस्कृतिक प्रतिनिधित्व को प्रभावित करने वाली बड़ी संख्या में गंभीर गलतियां हैं। पार्टी ने इन खामियों के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने, इसकी तैयारी और प्रूफरीडिंग प्रक्रिया की उच्च स्तरीय जांच कराने और अगले शैक्षणिक सत्र से पहले संशोधित, त्रुटिहीन पाठ्यपुस्तकों के प्रकाशन की भी मांग की।
बीजद मीडिया समन्वयक और प्रवक्ता लेनिन मोहंती ने इन कथित गलतियों को एक "राष्ट्रीय शर्मिंदगी" बताया और दावा किया कि ये ओड़िआ भाषा, संस्कृति और लाखों छात्रों के शैक्षिक हितों को नुकसान पहुँचाती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत लाई गई पाठ्यपुस्तकों में अभूतपूर्व और गंभीर गलतियां हैं।
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