भुवनेश्वर , जून 13 -- ओडिशा मंत्रिमंडल ने 'राज्य की भाषाई विरासत, सांस्कृतिक पहचान और ऐतिहासिक प्रामाणिकता' को संरक्षित करने के उद्देश्य से 26 जिलों के 64 स्थानों के अंग्रेजी नामों की वर्तनी में संशोधन कर उनके मूल ओड़िया नामों को बहाल करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की अध्यक्षता में शुक्रवार देर रात हुई मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, राज्य के कई स्थान आज भी औपनिवेशिक काल में प्रचलित हुई विकृत अंग्रेजी वर्तनी से आधिकारिक रूप से जाने जाते हैं। इनमें 'आली' के स्थान पर 'ऑल' तथा 'बलेश्वर' के स्थान पर 'बालासोर' जैसे नाम शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस प्रकार की विकृतियां ओड़िया उच्चारण और राज्य की सांस्कृतिक पहचान तथा 'ओड़िया अस्मिता ' के अनुरूप नहीं हैं।

श्री माझी के निर्देश पर सभी जिलाधिकारियों से ऐसे स्थानों की पहचान कर विस्तृत रिपोर्ट मांगी गयी थी, जिनकी अंग्रेजी वर्तनी उनके मूल ओड़िया नामों से भिन्न है। इस संबंध में जिलाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों से सुझाव प्राप्त हुए।

इसके बाद सरकार ने प्रख्यात ओड़िया साहित्यकार डॉ प्रतिभा राय की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति गठित की, जिसने प्राप्त प्रस्तावों की समीक्षा की। समिति की सिफारिशों को एक माह तक सार्वजनिक कर आम लोगों की राय भी आमंत्रित की गयी।

जन प्रतिक्रिया पर विचार करने के बाद समिति ने 26 जिलों के 64 स्थानों के लिए संशोधित अंग्रेजी वर्तनी की अंतिम सिफारिश की, जिसे मंत्रिमंडल ने मंजूरी प्रदान कर दी। मंत्रिमंडल की स्वीकृति के बाद राज्य सरकार इस निर्णय को राजपत्र अधिसूचना के माध्यम से गृह मंत्रालय को भेजेगी तथा भारतीय सर्वेक्षण विभाग, भारतीय रेलवे, डाक विभाग, भारत के महापंजीयक एवं जनगणना आयुक्त और अन्य संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों से अपने आधिकारिक अभिलेखों में आवश्यक संशोधन करने का अनुरोध करेगी।

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