भुवनेश्वर , अगस्त 10 -- ओडिशा पुस्तकालय अकादमी (ओएलए) ने भुवनेश्वर के क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान (आरआईई) में 'ऑनलाइन पुस्तकालय और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के ज़रिए जानकारी और शिक्षा को नए सिरे से समझना' विषय पर अपना 11वां सालाना सम्मेलन का आयोजित किया और लाइब्रेरियन दिवस भी मनाया।
यह कार्यक्रम भारत में पुस्तकालय विज्ञान के जनक माने जाने वाले डॉ. एस. आर. रंगनाथन की 134वीं जयंती रविवार को आयोजित किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा, रिसर्च और सूचना सेवाओं में एआई, ऑनलाइन पुस्तकालय और डिजिटल तकनीक की बढ़ती भूमिका पर चर्चा की गयी।
मुख्य अतिथि के तौर पर ओडिशा के उच्च शिक्षा निदेशक काली प्रसन्न महापात्रा ने कहा कि किताबें और पुस्तकालय उनका जुनून हैं। उन्होंने घोषणा की कि पुस्तकालयाध्यक्ष के पदों पर हर साल नियमित रूप से भर्ती की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस कदम से हज़ारों योग्य उम्मीदवारों की उम्मीदें पूरी होंगी।
आरआईई की प्राचार्य प्रो. मानसी गोस्वामी ने कहा कि पुस्तकालय और शिक्षण संस्थान एक-दूसरे के पूरक हैं और पुस्तकालय के बिना शिक्षा अधूरी है।
वहीं, भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद - क्षेत्रीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान केंद्र (आईसीएमआर-आरएमआरसी), भुवनेश्वर के पुस्तकालय एवं सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) विभाग के पूर्व प्रमुख डॉ. बनंबर साहू ने पुस्तकालय पेशेवरों के लिए डिजिटल तकनीक और नयी तरह की सूचना सेवाओं को अपनाने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। ओएलए ने उत्कल विश्वविद्यालय के परिजा पुस्तकालय के पूर्व पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. नीलकंठ सारंगी और एचकेएम सरकारी पुस्तकालय की पूर्व पुस्तकालयाध्यक्ष सस्मिता मिश्रा को इस क्षेत्र में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया।
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