भुवनेश्वर , फरवरी 16 -- साइबर सुरक्षा को मजबूत करने और संगठित साइबर अपराध नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए ओडिशा पुलिस ने राज्यव्यापी विशेष अभियान 'ऑपरेशन साइबर शील्ड' शुरू किया है।
इस अभियान का उद्देश्य साइबर सुरक्षा तंत्र को सुदृढ़ करना, फर्जी वित्तीय चैनलों को समाप्त करना और राज्य के भीतर एवं बाहर सक्रिय साइबर अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करना है।
पुलिस महानिदेशक वाई बी खुरानिया ने अज्ञात बैंक खातों, फर्जी सिम कार्ड और बड़े पैमाने पर वित्तीय धोखाधड़ी को बढ़ावा देने वाले साइबर गिरोहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
अभियान के तहत त्वरित कार्रवाई करते हुए बोलंगीर जिला पुलिस ने पांच करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी से जुड़े एक बड़े साइबर रैकेट का भंडाफोड़ किया। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है जो विभिन्न व्यक्तियों के नाम पर कई बैंक खाते खोलकर अवैध लेनदेन कर रहे थे। पुलिस ने उनके कब्जे से 29 बैंक पासबुक, 15 चेक बुक, स्वाइप मशीनें, मोबाइल फोन और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है।
इसी तरह मयूरभंज जिले में साइबर धोखाधड़ी से जुड़े 'म्यूल' (फर्जी) बैंक खातों के उपयोग को लेकर मामला दर्ज किया गया है। चार आरोपियों की पहचान कर उन्हें नोटिस जारी किए गए हैं और अन्य लोगों की संलिप्तता की जांच जारी है।चूंकि साइबर अपराध अब अंतर-राज्यीय और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का रूप ले चुका है, इसलिए ओडिशा पुलिस ने इससे निपटने के लिए विशेष रणनीति तैयार की है। फर्जी दस्तावेजों के जरिए थोक में सिम कार्ड बेचने वाले संचालकों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
साइबर अपराधियों द्वारा एटीएम और चेक के माध्यम से धन निकासी वाले हॉटस्पॉट की मैपिंग कर कड़ी निगरानी में रखा जाएगा। संदिग्ध लेनदेन और खातों की जांच के लिए बैंकों के साथ समन्वय भी बढ़ाया जाएगा। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह अभियान गृह मंत्रालय के तहत कार्यरत इंडियन साइबर क्राइम कोआर्डिनेशन सेंटर (आई4सी) से प्राप्त खुफिया सूचनाओं के आधार पर चलाया जा रहा है।
भुवनेश्वर-कटक कमिश्नरेट सहित प्रत्येक जिले में जिला पुलिस अधीक्षक और पुलिस उपायुक्तों की निगरानी में स्वतंत्र टास्क फोर्स गठित की गई हैं।
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