भुवनेश्वर , जुलाई 08 -- ओडिशा के पुरी में 16 जुलाई से शुरू होने वाली विश्व-प्रसिद्ध रथ यात्रा से पहले पुलिस ने भगवान जगन्नाथ के सालाना उत्सव को सुरक्षित, व्यवस्थित एवं बिना किसी अप्रिय घटना के संपन्न कराने के लिए व्यापक एवं कई स्तरों वाली सुरक्षा योजना को अंतिम रूप प्रदान किया है।
मंगलवार को कटक स्थित राज्य पुलिस मुख्यालय में पुलिस महानिदेशक योगेश बहादुर खुराना की अध्यक्षता में हुई एक उच्च-स्तरीय समन्वय बैठक में सुरक्षा योजना की समीक्षा की गई। इस बैठक में ओडिशा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, सीमा सुरक्षा बल, रेलवे सुरक्षा बल, भारतीय तटरक्षक बल और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
डीजीपी ने सभी एजेंसियों को निर्देश दिया कि वे वार्षिक उत्सव की सुरक्षा मजबूत करने के लिए मिलकर काम करें जिसमें देश और विदेश से लाखों श्रद्धालु आते हैं। बैठक में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड और त्वरित प्रतिक्रिया टीमों की तैनाती की समीक्षा की गई। ज़मीन, समुद्र और हवा से निगरानी करने के साथ-साथ भीड़ नियंत्रण, ट्रैफ़िक नियंत्रण एवं आपातकालीन स्थिति में तुरंत कार्रवाई करने के लिए तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की योजना बनाई गई है।
सभी अहम जगहों पर तोड़-फोड़-रोधी जांच तेज़ की जाएगी और बिना इजाज़त हवाई गतिविधियों को रोकने के लिए उन्नत ड्रोन-रोधी प्रणाली तैनात किए जाएंगे। बम निरोधक दस्ता, श्वान दस्ता, एनएसजी-प्रशिक्षित विशेष अभियान समूह की टीमें और के-9 इकाईयां हाई अलर्ट पर रहेंगी। सुरक्षा योजना में श्री जगन्नाथ मंदिर के पास एस्कॉर्ट वाहनों, भगदड़ रोकने के लिए खास उपाय, व्यवस्थित बैरिकेडिंग, रथों को सही तरीके से खींचना एवं भक्तों के लिए सुलभ दर्शन सुनिश्चित करने के लिए ज़िला प्रशासन के साथ मिलकर किए गए इंतज़ाम भी शामिल हैं।
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