भुवनेश्वर , अगस्त 02 -- ओडिशा पुलिस ने पिछले दो वर्षों में 2,106 करोड़ रुपये मूल्य कीमत का 432 टन गांजा ज़ब्त कर 3,699 लोगों को गिरफ़्तार किया है। इसके अलावा 1,911 करोड़ रुपये मूल्य की अवैध गांजा की खेती को नष्ट किया गया है।

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने रविवार को कहा कि ओडिशा पुलिस ने नशा-मुक्त युवा-विकसित भारत प्रतिज्ञा अभियान' की शुरुआत करते हुए नशीले पदार्थों की तस्करी और अवैध गांजा की खेती के ख़िलाफ़ अपनी कार्रवाई को काफ़ी तेज़ कर दिया है। पुलिस ने जुलाई 2024 और जून 2026 के बीच, 63,720 एकड़ में फैली अवैध गांजा की खेती को नष्ट किया, जिसकी कीमत लगभग 1,911 करोड़ रुपये आंकी गयी है। उन्होंने नशीले पदार्थों के ख़िलाफ़ राज्य सरकार की 'शून्य सहिष्णुता' की नीति पर ज़ोर दिया।

इस दौरान 2,576 मामले दर्ज किए गए, 3,699 लोगों को गिरफ़्तार किया गया और लगभग 2,106 करोड़ रुपये मूल्य का 432 टन गांजा ज़ब्त किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार नशा छुड़ाने और पुनर्वास केंद्रों को भी मज़बूत कर रही है।

उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपने इलाकों में ड्रग्स से जुड़ी किसी भी संदिग्ध गतिविधि के बारे में तुरंत पुलिस को सूचित करें। युवाओं के बीच ब्राउन शुगर, कोकीन, सिंथेटिक और इंजेक्शन से लिए जाने वाले ड्रग्स के बढ़ते चलन पर चिंता जताते हुए श्री माझी ने कहा कि सरकार इस समस्या से युद्ध स्तर पर निपट रही है। भुवनेश्वर में हाल ही में पकड़े गए सिंथेटिक ड्रग्स और बालासोर में ड्रग माफियाओं के खिलाफ की गई कार्रवाई का ज़िक्र करते हुए, उन्होंने चेतावनी दी कि अगर लोगों ने युवाओं को नशे की लत में फंसाना जारी रखा, तो उनके खिलाफ बुलडोज़र चलाने जैसी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने युवाओं से 'ड्रग्स को ना कहने' का संकल्प लेने और एक स्वस्थ, नशा-मुक्त जीवनशैली अपनाने का आग्रह किया।

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