भुवनेश्वर , सितंबर 10 -- ओडिशा पुलिस ने महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से 'ऑपरेशन अन्वेषण' के तहत चलाए गए एक विशेष अभियान में 17 राज्यों से 101 लापता एवं तस्करी किए गए बच्चों को मुक्त कराया है।

ओडिशा पुलिस के 'महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध प्रकोष्ठ' द्वारा 28 अगस्त से 8 सितंबर तक चलाए गए इस ऑपरेशन का उद्देश्य देश के अलग-अलग हिस्सों से लापता और तस्करी किए गए ओडिशा के बच्चों का पता लगाकर उन्हें मुक्त कराना था।

ओडिशा से 17 टीमें उन 17 राज्यों में भेजी गईं जहां ओडिशा के बच्चे अक्सर पाए जाते हैं।इस ऑपरेशन के दौरान मुक्त की गई सबसे कम उम्र की बच्ची सिर्फ तीन महीने की थी और वह अपनी नाबालिग मां के साथ एक संस्थान में रह रही थी। मुक्त किए गए 101 बच्चों में से 83 बच्चे (46 लड़के और 37 लड़कियां) बाल देखभाल संस्थानों से मिले, जबकि सात बच्चे (छह लड़के और एक लड़की) मजदूरी वाली जगहों से मिले।

इसके अलावा 11 बच्चे (दो लड़के और नौ लड़कियां) का भी ऑपरेशन के दौरान पता लगाया गया। सबसे अधिक बच्चे पश्चिम बंगाल (30 बच्चे) से मिले, इसके बाद कर्नाटक (11), झारखंड (10) और तमिलनाडु (10) का नंबर रहा।

पश्चिम बंगाल में ऑपरेशन पूर्वी रेंज (बालेश्वर) के पुलिस महानिरीक्षक पिनाक मिश्रा की देखरेख में पुलिस उपाधीक्षक बामादेव नंदा की अगुवाई वाली टीम ने चलाया। कर्नाटक की टीम का नेतृत्व दक्षिणी रेंज (बेरहामपुर) के पुलिस उपाधीक्षक प्रशांत कुमार पात्रा ने किया, जबकि झारखंड टीम की कमान उत्तरी-मध्य रेंज (तालचेर) की पुलिस उपाधीक्षक ज्योत्स्नारानी बेहरा ने संभाली। तमिलनाडु टीम का नेतृत्व दक्षिणी रेंज (बेरहामपुर) के पुलिस उपाधीक्षक गिरिजा नंदन पटनायक ने किया।

पुलिस ने बताया कि मुक्त किए गए सभी बच्चों को या तो ओडिशा वापस भेज दिया गया है या फिर उन्हें राज्य में वापस लाने की प्रक्रिया चल रही है, ताकि उन्हें समाज की मुख्य धारा में फिर से शामिल कर उनका पुनर्वास किया जा सके।

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