भुवनेश्वर , अक्टूबर 30 -- ओडिशा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने गुरुवार को कहा कि चक्रवाती तूफान मोंथा ने राज्य के 33 ब्लॉकों, 11 शहरी क्षेत्रों और 358 गांवों में हजारों लोगों को प्रभावित किया है।
श्री पुजारी ने कहा कि 31 अक्टूबर तक स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है और इससे हुये नुकसान का आकलन तथा राहत वितरण आज से से शुरू हो जाएगा।
श्री पुजारी ने 1999 में इसी दिन आए सुपर साइक्लोन से हुई तबाही को याद करते हुए कहा कि इस बार ओडिशा ने बेहतर तैयारी की, जिसका श्रेय भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की पूर्व चेतावनियों और सरकार द्वारा चक्रवात-पूर्व किए गए व्यापक उपायों को जाता है।
उन्होंने जन जागरूकता सुनिश्चित करने में प्रशासन और मीडिया की सराहना करते हुये कहा कि चक्रवात के मार्ग में देर से बदलाव से राज्य को बड़े विनाश से बचने में मदद मिली।
सरकार ने स्थिति से निपटने के लिए 161 टीमें तैनात की थीं जिनमें 33 ओडीआरएएफ इकाइयां, पांच एनडीआरएफ टीमें और 133 अग्निशमन दल शामिल थे। कुल 2,164 चक्रवात/बाढ़ आश्रय स्थलों को बनाया गया और 18,732 लोगों को सुरक्षित निकाला गया।
ओडिशा सरकार ने चक्रवात से प्रभावित होने वाले कमजोर समूहों पर विशेष ध्यान दिया और 2,198 गर्भवती महिलाओं को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों और प्रसूति गृहों (प्रसूति प्रतीक्षालय) में स्थानांतरित किया। प्रभावित क्षेत्रों में 60 चिकित्सा दल और 35 पशु चिकित्सा दल तैनात किए गए, जबकि 362 निःशुल्क रसोई केंद्रों ने विस्थापितों को पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया।
श्री पुजारी ने कहा कि ऊर्जा विभाग ने चक्रवात के मद्देनजर पहले से तैयारी करके निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की और जहां भी व्यवधान पैदा हुआ, वहां तुरंत बिजली बहाल कर दी। सड़कों को फिर से खोलने के लिए गिरे हुए पेड़ों को तुरंत हटाया।
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