भुवनेश्वर , जनवरी 31 -- ओडिशा कैबिनेट ने पर्यटन क्षेत्र को मजबूत करने और इसे राज्य के विजन-2036 और 2047 के साथ जोड़ने के उद्देश्य से शनिवार को एक बड़े सुधार की पहल करते हुए ओडिशा पर्यटन (संशोधन) नीति-2026 को मंजूरी दी।
गौरतलब है कि संशोधित नीति ओडिशा पर्यटन नीति-2022 पर आधारित है और इसका उद्देश्य राज्य की निवेश प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाना, स्थायी पर्यटन को बढ़ावा देना, निजी क्षेत्र की भागीदारी को प्रोत्साहित करना और संतुलित क्षेत्रीय विकास सुनिश्चित करना है।
कैबिनेट ने व्यवसाय को बेहतर बनाने और निवेशकों की एक विस्तृत श्रृंखला को आकर्षित करने के लिए भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के मानदंडों के अनुरूप तीन-सितारा और उससे ऊपर के होटलों और रिसॉर्ट्स के लिए न्यूनतम निवेश सीमा को 50 कमरों से घटाकर 10 कमरे करने की मंजूरी दी। मौजूदा पर्यटन इकाइयों के लिए विस्तार मानदंडों को भी मौजूदा क्षमता के 50 प्रतिशत से घटाकर 25 प्रतिशत करके तर्कसंगत बनाया गया है, जिससे परिचालन इकाइयों का तेजी से और आसानी से विस्तार हो सकेगा।
कैबिनेट बैठक के बाद पत्रकारों को जानकारी देते हुए मुख्य सचिव अनु गर्ग ने कहा कि निवेशकों को मजबूत और अधिक अनुमानित सहायता प्रदान करने के लिए पूंजी निवेश सब्सिडी (सीआईएस) ढांचे को दो स्पष्ट स्लैब में सुव्यवस्थित किया गया है। पर्यटन परियोजनाएं अब 30 प्रतिशत की दर से सीआईएस के लिए पात्र होंगी, जिसमें 200 करोड़ रुपये तक के निवेश के लिए 50 करोड़ रुपये और 200 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के लिए 100 करोड़ रुपये की सीमा तय की गई है।
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