भुवनेश्वर , अक्टूबर 27 -- ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने विपक्ष के नेता नवीन पटनायक को पत्र लिखकर कोटिया सीमा विवाद पर रचनात्मक सुझाव मांगे हैं।
श्री माझी ने कहा कि राज्यों के बीच के इस संवेदनशील मुद्दे का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए नहीं किया जाना चाहिए। श्री पटनायक को लिखे एक पत्र में उन्होंने कहा कि कोरापुट जिले के अंतर्गत आने वाले कोटिया के गांवों का समूह 1936 में अलग प्रांत के गठन के समय से ही ओडिशा का अभिन्न अंग रहा है।
कोटिया मुद्दे पर श्री पटनायक के पत्र का जवाब देते हुए श्री माझी ने कहा कि राज्यों के बीच के इस संवेदनशील विवाद को राजनीतिक लाभ के अवसर में बदलने की बजाय संयम, जिम्मेदारी और न्यायिक प्रक्रिया के प्रति सम्मान के साथ देखा जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ओडिशा की भौगोलिक अखंडता की रक्षा करने और यहां के लोगों के वैध हितों की सुरक्षा करने के मामले में कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने हमेशा कानूनी और संवैधानिक तरीकों से राज्य के क्षेत्रीय हितों की रक्षा की है।
इसके साथ ही सरकार ने कोटिया और आसपास के क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता दी है, जिसमें समावेशी विकास सुनिश्चित करने, सार्वजनिक सेवाओं की पहुंच बेहतर करने और स्थानीय निवासियों के कल्याण को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। उन्होंने बताया कि कोटिया ग्राम पंचायत क्षेत्रों के समग्र विकास की निगरानी के लिए राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है, जिसमें वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं।
श्री माझी ने कहा कि राजस्व मंत्री, अन्य मंत्रियों और अधिकारियों के साथ स्थानीय विकास की जरूरतों का आकलन करनेऔर क्षेत्र की सर्वांगीण प्रगति के लिए समन्वित कदम उठाने के उद्देश्य से इस इलाके का दौरा भी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने रचनात्मक दृष्टिकोण की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि ओडिशा के व्यापक हित में दिए गए किसी भी संवैधानिक और व्यावहारिक प्रस्ताव पर सरकार गंभीरता से विचार करेगी। उन्होंने फिर दोहराया कि कोटिया विवाद राज्यों के बीच का एक संवेदनशील मामला है, जिसके लिए जिम्मेदारी, संयम और न्यायिक प्रक्रिया के प्रति सम्मान की आवश्यकता है। उन्होंने राज्य के क्षेत्रीय हितों की रक्षा करने और उस क्षेत्र में रहने वाले लोगों के विकास तथा कल्याण को सुनिश्चित करने के लिए रचनात्मक जुड़ाव का आह्वान किया।
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