भुवनेश्वर , जनवरी 19 -- हरियाणा के मुर्रा भैंसे 'सूरवीर' और 'इंदर', आंध्र प्रदेश की एक दुर्लभ पुंगनूर गाय और गुजरात के एक कांकरेज सांड सहित कई बेहतरीन नस्लें राज्य-स्तरीय मत्स्य प्राणी समावेश ओडिशा 2026 (एमपीएसओ-2026) का मुख्य आकर्षण बनेंगी। यह कार्यक्रम 21 से 23 जनवरी तक यहां जनता मैदान में आयोजित किया जाएगा।
मुर्रा भैंसे और कांकरेज सांड से ओडिशा के डेयरी किसानों में वैज्ञानिक प्रजनन प्रथाओं, विशेष रूप से दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए मुर्रा प्रजनन के फायदों के बारे में जागरूकता पैदा होने की उम्मीद है। छोटे आकार के पुंगनूर मवेशियों का प्रदर्शन चरवाहों को पारंपरिक पशुपालन और गोपालन प्रथाओं के नये आयामों से परिचित करायेगा।
मत्स्य पालन और पशु संसाधन विकास मंत्री गोकुलानंद मल्लिक ने सोमवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यह समावेश पूरे राज्य में मछली किसानों और पशुपालकों के लिए जागरूकता, नवाचार और समृद्धि के लिये एक प्रमुख मंच के रूप में उभरेगा।
'विकसित ओडिशा के लिये मत्स्य पालन और पशुधन में नवाचार' विषय के तहत आयोजित होने वाले तीन दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी करेंगे। समापन सत्र में राज्यपाल हरि बाबू कम्भमपति शामिल होंगे।
श्री मल्लिक ने कहा कि तीन दिनों में 8,000 से अधिक किसानों, उद्यमियों और महिला स्वयं सहायता समूह के सदस्यों के भाग लेने की उम्मीद है। मत्स्य पालन और पशुधन खेती में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए 348 किसानों और उद्यमियों को चैंपियन के रूप में सम्मानित किया जाएगा।
इसके अलावा, मत्स्य पालन और पशु संसाधन विकास क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ 20 अधिकारियों को उनकी अनुकरणीय सेवा के लिए सम्मानित किया जाएगा। प्रमुख किसान, उद्यमी और महिला स्वयं सहायता समूह सदस्य मत्स्य पालन, पशुपालन और कृषि को कवर करने वाले 12 पैनल चर्चाओं में भाग लेंगे। देश भर के विशेषज्ञ और चुनिंदा विदेशी पैनलिस्ट, इस क्षेत्र में उभरते रुझानों और प्रौद्योगिकियों पर विचार-विमर्श करेंगे।
'मंत्री से पूछें' नामक एक विशेष इंटरैक्टिव कार्यक्रम ओडिशा भर के किसानों को सीधे अपनी चिंताओं और सवालों को उठाने की अनुमति देगा, जिनका जवाब मंत्री द्वारा दिया जायेगा। कंपनियों, गैर सरकारी संगठनों, राष्ट्रीय संस्थानों, राज्य सरकार के विभागों, सहकारी समितियों और निदेशालयों का प्रतिनिधित्व करने वाले 100 से अधिक प्रदर्शक तीन हैंगर में 208 स्टॉलों पर मत्स्य पालन, पशु संसाधन और कृषि में आधुनिक प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन करेंगे।दो खुले हैंगर में जानवरों और मछलियों की प्रदर्शनी दिखायी जाएगा। इसमें बायो-फ्लॉक टेक्नोलॉजी, केज कल्चर मछली पालन, ज़्यादा दूध देने वाली क्रॉस-ब्रीड गायें, और नियंत्रि-पर्यावरण वाले पोल्ट्री हाउस शामिल होंगे।
उद्घाटन के दिन 21 जनवरी को सुबह छह बजे कलिंगा स्टेडियम से जनता मैदान तक एक वॉकाथॉन का आयोजन किया जाएगा। युवाओं को जोड़ने और इवेंट की थीम को बढ़ावा देने के लिए, वेटनरी, मत्स्य पालन और मैनेजमेंट कॉलेज और पॉलिटेक्निक के छात्रों के बीच भाषण और पेंटिंग प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। विजेताओं को समावेश के दौरान सम्मानित किया जाएगा। शाम को शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे, जिसमें लोक और शास्त्रीय संगीत और संबलपुरी, ढेमसा, ओडिशी और छऊ जैसे पारंपरिक नृत्य शामिल होंगे।
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