भुवनेश्वर , अप्रैल 28 -- ओडिशा केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूओ) के विद्यार्थियों ने बुवाई के समय सिंचाई के पानी में हल्के बीजों के बह जाने की पुरानी समस्या का समाधान खोज निकाला है और इस नवाचार के लिए विश्वविद्यालय को 'इनोविजन 2026' में 65 तकनीकी परियोजनाओं के बीच प्रथम पुरस्कार मिला है।

बीएससी कृषि की छात्राओं स्वप्नारानी बिस्वाल और अभिसिक्ता साहू ने एक सौर ऊर्जा से चलने वाली 'सीड पेलेटिंग' मशीन बनायी है। अक्सर पारंपरिक खेती में छोटे और हल्के बीज सिंचाई के दौरान बह जाते हैं, जिससे फसल ठीक से नहीं उगती। यह मशीन बीजों पर एक खास सुरक्षात्मक परत चढ़ा देती है, जिससे उनका वजन बढ़ जाता है और वे पानी के साथ नहीं बहते।

इस कोटिंग की खासियत यह है कि इसमें जरूरी खाद और पोषक तत्व भी मिलाये गये हैं, जो पौधों को शुरुआती विकास में मदद करते हैं। सौर ऊर्जा से चलने के कारण यह मशीन सस्ती और पर्यावरण के अनुकूल है, जो बिजली की कमी वाले ग्रामीण इलाकों के किसानों के लिए वरदान साबित हो सकती है।

विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति प्रो. एन. सी. पांडा और कृषि विभाग की प्रमुख डॉ. मंजुश्री सिंह ने इस सफलता पर विद्यार्थियों को बधाई दी। यह प्रोजेक्ट नवसारी कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों के सहयोग से तैयार किया गया है और इसे विशेष रूप से कोरापुट क्षेत्र की मिट्टी और परिस्थितियों के हिसाब से तैयार किया गया है ताकि वहां के किसानों की कमाई बढ़ सके।

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