केंद्रपाड़ा , जून 15 -- ओड़िशा में केन्द्रपाड़ा जिला मुख्यालय अस्पताल में इस समय उपचाराधीन तीखिरी की सरपंच चमेली ओझा ने अपने साथ हुई मारपीट और हिरासत में प्रताड़ना के आरोपों की न्यायिक जांच की मांग की है। इसके साथ ही उन्होंने महाकालपाड़ा के विधायक दुर्गा प्रसाद नायक के इस्तीफे की मांग भी की है।
सुश्री ओझा ने आरोप लगाया कि विधायक के समर्थकों ने उन पर हमला किया था। उन्होंने यह दावा भी किया कि महाकालपाड़ा पुलिस ने उन्हें और उनके भाई को हिरासत में प्रताड़ित किया, जिससे उन्हें चोटें आयीं। उन्होंने स्थानीय थाना प्रभारी (आईआईसी) मानस मल्लिक और विधायक के समर्थकों पर उनके खिलाफ चरित्र हनन का अभियान चलाने का भी आरोप लगाया। सरपंच ने कहा कि उन्हें अपने खिलाफ दर्ज बताये जा रहे मामलों की कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने दावा किया कि वे पिछले छह महीनों से महाकालपाड़ा ब्लॉक कार्यालय के लगातार चक्कर लगा रही थीं और उनकी ग्राम पंचायत में विकास कार्यों को स्थानीय बीडीओ (ब्लॉक विकास अधिकारी) ने रोक दिया था।
सुश्री ओझा ने अपनी बात पर जोर देते हुए कहा कि न्यायिक जांच से ही सच सामने आयेगा। उन्होंने यह भी कहा कि वह पुलिस के खिलाफ एक और शिकायत दर्ज कराने की योजना बना रही हैं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने अपना मोबाइल फोन वापस करने की मांग की, जिसके बारे में उनका दावा है कि वह इस समय महाकालपाड़ा पुलिस के कब्जे में है। उन्होंने आरोप लगाया कि उस फोन में उनकी बेगुनाही साबित करने वाले सबूत मौजूद हैं। डिजिटल सबूतों के साथ संभावित छेड़छाड़ पर चिंता व्यक्त करते हुए सुश्री ओझा ने आशंका जतायी कि पुलिस उस फोन में मौजूद वीडियो और अन्य सामग्री को हटा सकती है। उनके अनुसार, फोन में विधायक, पुलिसकर्मियों और बीडीओ के खिलाफ सबूत हैं। सुश्री ओझा के पिता ने भी आरोप लगाया कि विधायक के समर्थकों ने उनके साथ मारपीट की थी। उन्होंने दावा किया कि उनके बेगुनाह बेटे को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक का विरोध करने पर उनके परिवार को धमकियां मिलीं, जिनमें उनकी बेटी के खिलाफ यौन हिंसा की चेतावनी और अन्य गंभीर परिणाम भुगतने की बातें शामिल थीं।
महाकालपाड़ा के भाजपा विधायक दुर्गा प्रसाद नायक ने इन आरोपों को खारिज करते हुए इन्हें 'झूठा और मनगढ़ंत' करार दिया है। श्री नायक ने आरोप लगाया कि इस विवाद के पीछे विपक्षी नेताओं का हाथ है और उन्होंने उनकी सार्वजनिक छवि तथा राजनीतिक स्थिति को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से सुश्री ओझा को झूठे आरोप लगाने के लिए उकसाया है। उन्होंने दावा किया कि सुश्री ओझा के बयानों में विसंगति रही है। श्री नायक के अनुसार, सुश्री ओझा ने पहले उन पर गलत नीयत से आगे बढ़ने का आरोप लगाया था और दावा किया था कि जब उसने इसे ठुकरा दिया तो उन्होंने और उनके समर्थकों ने उसे प्रताड़ित किया और गुरुवार की घटना की साजिश रची।
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