भुवनेश्वर , मार्च 5 -- ओड़िशा के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजू जनता दल (बीजद) के अध्यक्ष नवीन पटनायक ने राज्य में पंचायती राज संस्थाओं की स्थिति पर गहरी चिंता जताते हुए कहा है कि वे फिलहाल "बड़े खतरे में" हैं।
श्री पटनायक ने इस बात पर जोर दिया कि केवल वही नेता पंचायती राज व्यवस्था को वास्तव में मजबूत कर सकता है, जो जनता की ताकत का सम्मान करता हो। उन्होंने कहा, "अगर पंचायती राज व्यवस्था कमजोर होती है, तो लोगों का भरोसा भी कमजोर हो जाता है।"बीजू बाबू की 110वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए श्री पटनायक ने उन्हें "ओडिशा के शानदार अतीत और खुशहाल भविष्य के बीच का सुनहरा पुल" बताया। उन्होंने आगे कहा कि बीजू बाबू न केवल राज्य की विरासत पर गर्व करते थे, बल्कि उन्होंने अगली पीढ़ी के समृद्ध भविष्य के लिए योजनाएं भी तैयार की थीं।
श्री पटनायक ने कहा, "वह सिर्फ एक राजनेता नहीं थे, वह ओडिशा के लोगों की भावनाओं का प्रतीक थे।" उन्होंने इस बात को खास तौर पर बताया कि ओडिशा के स्वाभिमान को बढ़ावा देना ही बीजू बाबू की सबसे बड़ी ताकत थी। उन्होंने कहा कि ओडिशा के चौतरफा विकास से लेकर महिलाओं के सशक्तीकरण और पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करने में उनका योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता।
श्री पटनायक ने यह भी कहा कि बीजू बाबू के आदर्शों पर चलते हुए, बीजद पंचायती राज व्यवस्था को फिर से मजबूत करने के लिए जनता के बीच जाकर जागरूकता अभियान चलाएगी। उन्होंने इसे इस दूरदर्शी नेता के लिए सबसे सच्ची श्रद्धांजलि बताया।
इससे पहले दिन में, श्री पटनायक ने भुवनेश्वर के बीजू पटनायक पार्क जाकर बीजू बाबू की प्रतिमा पर फूल चढ़ाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनकी जयंती पर उन्हें याद किया और ओडिशा की प्रगति के लिए बीजू पटनायक के समर्पण को सराहा।
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