रायपुर , मार्च 26 -- ओडिशा की किशोरी तैराक अंजलि मंडा ने खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 की तैराकी स्पर्धा में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

अंजलि ने बुधवार को 200 मीटर फ्रीस्टाइल में 2:39.02 सेकंड का समय निकालकर उन्होंने स्वर्ण पदक जीता और साथ ही तैराकी की मजबूत टीम कर्नाटक को पहले दिन के सभी छह स्वर्ण जीतने से भी रोक दिया।

ओडिशा के जाजपुर जिले के गहिरागड़िया गांव (भुवनेश्वर से लगभग 100 किमी दूर) की रहने वाली अंजलि का पानी से रिश्ता शुरुआत में केवल मजे तक सीमित था, किसी औपचारिक प्रशिक्षण से नहीं। चार भाई-बहनों में सबसे छोटी अंजलि के पिता एक स्थानीय फैक्ट्री में वैन चालक हैं। वह 10 साल की उम्र में कलिंगा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज(केआईएसएस) पहुंचीं, जहां जनजातीय छात्रों को निःशुल्क शिक्षा और आवास मिलता है।

शुरुआत में वह अपनी बड़ी बहन से प्रेरित थीं, जो तीरंदाजी करती हैं, लेकिन अंजलि ने तैराकी में अपनी अलग राह चुनी। पानी में सहजता ने धीरे-धीरे प्रतिस्पर्धी आत्मविश्वास का रूप लिया। तैराकी शुरू करने के एक साल बाद ही उन्होंने एक स्थानीय क्लब टूर्नामेंट में रजत पदक जीतकर अपनी पहचान बनाई। एक ऐसा पल जो आज भी उनके लिए खास है।

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