भुवनेश्वर , जनवरी 21 -- महिलाओं की सुरक्षा और सबको रोजगार देने में प्रयासरत ओडिशा सरकार ने 'अमा' बस सेवा में महिला चालकों को शामिल करने का फैसला किया है।

राज्य की राजधानी क्षेत्र शहरी परिवहन (सीआरयूटी) ने छह नवंबर 2018 से 'अमा बस ब्रांड' नाम से अपनी नयी बसें शुरू कीं, ताकि आस-पड़ोस को जोड़ने के लिए भरोसेमंद और सुरक्षित परिवहन सेवा दी जा सके।

राज्य के आवास और शहरी विकास मंत्री कृष्ण चंद्र महापात्रा ने बस सेवा के प्रदर्शन और अभियान पर एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए बताया कि सीआरयूटी से 20 महिला उम्मीदवारों को विशेष ई-बस चालन प्रशिक्षण के लिए 31 जनवरी को पुणे भेजा जायेगा।

सवारियों की सुरक्षा पर जोर देते हुए श्री महापात्रा ने कहा कि शराब पीना सड़क हादसों की एक बड़ी वजह है। उन्होंने कहा कि सभी अमा बस चालकों के लिए अल्कोहल जांच जरूरी कर दी गयी है। पिछले एक साल में यात्रा की शुरुआत और आखिर में जांच के साथ-साथ अभियान के घंटों के दौरान औचक जांच के जरिये 1.97 लाख अल्कोहल जांच की गयी।

इन जांचों में से 19 चालक शराब के नशे में पाये गये। कानूनी प्रावधानों के अनुसार, उन चालकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया और उनके ड्राइविंग लाइसेंस तीन महीने के लिए निलंबित कर दिये गये। उन्होंने बताया कि निलंबित किये गये लाइसेंस संबंधित क्षेत्रीय परिवहन अफसर को भेज दिये गये हैं।

डॉ. महापात्रा ने कहा कि देश में एक अग्रणी सरकारी संचालित सार्वजनिक परिवहन संगठन के तौर पर सीआरयूटी ने दुर्घटना पीड़ित परिवारों को तुरंत मदद पहुंचाई है और सड़क हादसों में जान गंवाने वालों के परिवारों को चार करोड़ रुपये से ज्यादा का बीमा कवरेज दिया है। सीआरयूटी डिपो परिसर में जल्द ही एक खास चालक प्रशिक्षण संस्थान बनाया जायेगा। उन्होंने कहा कि यह संस्थान व्यावहारिक ड्राइविंग कौशल, व्यवहारिक प्रशिक्षण, ट्रैफिक नियम, लेन अनुशासन और सड़क सुरक्षा पर केंद्रित होगा।

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