भुवनेश्वर , मार्च 26 -- राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के विशेष मॉनिटर (मानवाधिकार शिक्षा एवं लैंगिक समानता) प्रो. कन्हैया त्रिपाठी ने राज्य के प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान एम्स भुवनेश्वर में चिकित्सा सेवाओं में मानवाधिकार सिद्धांतों को नियमित रूप से शामिल करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

एम्स भुवनेश्वर के दौरे के दौरान प्रो. त्रिपाठी ने मानवाधिकार शिक्षा, मरीजों की समान देखभाल और लैंगिक संवेदनशील स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में संस्थान द्वारा किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की।

उन्होंने संस्थान के कार्यकारी निदेशक प्रो. (डॉ.) आशुतोष बिस्वास, वरिष्ठ संकाय सदस्यों, प्रशासनिक अधिकारियों और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत चर्चा भी की।

प्रो. त्रिपाठी ने संस्थान के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में समान पहुंच, सूचित सहमति, मरीज की गरिमा और भेदभाव रहित व्यवहार जैसे तत्व एक अधिकार-आधारित स्वास्थ्य प्रणाली के प्रमुख आधार हैं।

बैठक के दौरान एक समर्पित मानवाधिकार प्रकोष्ठ (ह्यूमन राइट्स सेल) की स्थापना का प्रस्ताव भी रखा गया। यह प्रकोष्ठ मरीजों की शिकायतों के समाधान, जागरूकता कार्यक्रमों के आयोजन, स्वास्थ्यकर्मियों के प्रशिक्षण तथा एनएचआरसी दिशानिर्देशों के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए नोडल इकाई के रूप में कार्य करेगा।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित