भुवनेश्वर , अगस्त 01 -- ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शनिवार को कहा कि राज्य में बाढ़ की स्थिति में सुधार हो रहा है और आने वाले दो दिनों में प्रभावित क्षेत्रों में पानी उतर जायेगा।

उन्होंने पांच जिलों के 12 ब्लॉक में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई जायज़ा लेने के बाद कहा कि कई गांव अब भी डूबे हुए हैं, हालांकि सामान्यतः स्थिति में सुधार हुआ है। इस अवसर पर राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी और विशेष राहत आयुक्त उनके साथ मौजूद रहे।

श्री माझी ने संवाददाताओं से कहा कि अधिकारियों को पानी उतरने के तीन दिन के अंदर नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिये गये हैं। आकलन रिपोर्ट के आधार पर ही प्रभावित परिवारों को त्वरित राहत सामग्री मुहैया करवाई जायेगी। फसल की हानि और घरों के नुकसान पर सरकार का विशेष ध्यान रहेगा।

श्री माझी ने स्थिति का हवाई जायजा लेते हुए जजपुर जिले के दशरथपुर, बारी और बिंझारपुर, भद्रक जिले के धामनगर, भंदरिपोखरी और चांदबाली ब्लॉक, बालेश्वर जिले के सोरो, रेमुना और बालेश्वर सदर ब्लॉक, मयूरभंज जिले के बारासाही, उदाला और कपतीपाड़ा ब्लॉक तथा केंदुझर जिले के हतादिही ब्लॉक का मुआयना किया।

उन्होंने कहा कि वह निजी रूप से बाढ़ की स्थिति पर नज़र रखे हुए हैं और उन्होंने मंत्रियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों को भी सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि राहत-बचाव कार्य बिना किसी बाधा के जारी रहें। उन्होंने कहा कि पुरी जिले में भी स्थिति पर पैनी नजर रखी जा रही है।

उन्होंने कहा कि ओडिशा राज्य आपदा त्वरित कार्रवाई बल की 17 टीमें, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल की सात टीमें और अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा की 129 टीमें प्रभावित जिलों में बचाव अभियान में जुटी हुई हैं।

श्री माझी ने बताया कि लगभग 700 शेल्टर होम और राहत कैंप खोले गये हैं, जहां विस्थापित लोगों को पका हुआ और सूखा खाना, पीने का साफ़ पानी, मेडिकल सुविधाएं और दूसरी ज़रूरी सेवाएं दी जा रही हैं। राहत, बचाव और बहाली के कामों की देखरेख के लिए सभी प्रभावित ज़िलों में वरिष्ठ अफ़सरों को भी तैनात किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने राहत और बचाव कार्यों को मज़बूत करने के लिए राज्य आपदा प्रतिक्रिया निधि से 26 करोड़ रुपये जारी किये हैं। बाढ़ से प्रभावित परिवारों को पॉलीथीन शीट, खाना, पीने का पानी, दवाएँ और दूसरी ज़रूरी चीज़ें दी जा रही हैं।

उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि वे तुरंत क्षतिग्रस्त सड़कों को ठीक करें और पक्का करें कि सामान्य संचार व्यवस्था जल्द से जल्द बहाल हो जाये। उन्होंने कहा कि सरकार पानी से होने वाली और बाढ़ के बाद फैलने वाली दूसरी बीमारियों को रोकने के लिए कड़ी निगरानी भी रख रही है।

श्री माझी ने दावा किया कि राज्य सरकार की तरफ़ से समय पर चेतावनी देने, पहले से तैयारी करने और तुरंत बचाव के उपाय करने से बाढ़ का असर काफ़ी कम हुआ और जान-माल के बड़े नुकसान को टालने में मदद मिली।

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