भुवनेश्वर , मार्च 17 -- ओडिशा में कांग्रेस विधायक दल के नेता राम चंद्र कदम ने मंगलवार को विधानसभा अध्यक्ष सुरमा पाढ़ी से मुलाकात कर पार्टी के तीन विधायकों को 'दल-बदल विरोधी कानून' के तहत अयोग्य घोषित करने की औपचारिक रूप से मांग की।
यह कदम 16 मार्च को राज्य में हुए राज्यसभा चुनावों के दौरान इन विधायकों द्वारा पार्टी व्हिप का उल्लंघन कर क्रॉस-वोटिंग करने के बाद उठाया गया है। कांग्रेस ने इसमें शामिल विधायकों दशरथी गोमांग, सोफिया फिरदौस और रमेश जेनाजिन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
श्री कदम ने अपने आवेदन में आरोप लगाया कि इन तीनों विधायकों ने कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीता था, लेकिन राज्यसभा चुनाव के दौरान इन्होंने पार्टी के आधिकारिक दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किया। उनके अनुसार, यह कृत्य संविधान की दसवीं अनुसूची के प्रावधानों के तहत स्पष्ट रूप से दल-बदल की श्रेणी में आता है। उन्होंने इसे पार्टी अनुशासन का गंभीर उल्लंघन और लोकतांत्रिक जनादेश का अपमान बताया है।
विधायक दल के नेता ने विधानसभा अध्यक्ष को सूचित किया कि इन तीनों विधायकों को क्रॉस-वोटिंग के तत्काल बाद पार्टी से निलंबित कर दिया गया है। उन्होंने अध्यक्ष से अनुरोध किया है कि साक्ष्यों और व्हिप के रिकॉर्ड के आधार पर इन विधायकों की सदस्यता रद्द करने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि ये तीनों सदस्य कांग्रेस विधायक दल का हिस्सा नहीं हैं, इसलिए सदन के भीतर इनकी बैठने की जगह को नियमों के अनुसार बदला जाए ताकि सदन की व्यवस्था स्पष्ट रहे।
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