भुवनेश्वर , जनवरी 31 -- ओडिशा की एक स्थानीय अदालत ने शनिवार को वर्ष 2020 में कारोबारी लम्बोदर मुनि की हत्या के सनसनीखेज मामले में पांच आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है, जबकि जुर्माना अदा न करने की स्थिति में चार माह का सश्रम कारावास भुगतना होगा।

तृतीय अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, बरहामपुर बी. गौतम ने आदेश में कहा कि दोषियों को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी ) की धारा 396 के तहत 10 वर्ष का सश्रम कारावास और 5,000 रुपये का जुर्माना भुगतना होगा।

इसके अलावा अदालत ने दोषियों को धारा 460 के तहत 10 वर्ष का सश्रम कारावास और 5,000 रुपये जुर्माना लगाया। एक अन्य धारा के तहत 5 वर्ष का कारावास और 3,000 रुपये जुर्माना और धारा 201 के तहत दो माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा सुनाई।

उल्लेखनीय है कि अदालत ने 28 जनवरी को सभी आरोपियों को दोषी ठहराया था। दोषियों की पहचान रूपेश कुमार पाधी, श्रीनु पात्र, शिवा महाकुड, रंजीत साहू और शंकर साहू (24) के रूप में हुई है।

अभियोजन पक्ष के अनुसार, 14 जून 2020 को महालक्ष्मी भंडार के कर्मचारी वी. विनय ने गोसानी नुआगांव स्थित कार्यालय में कारोबारी लम्बोदर मुनि का शव खून से लथपथ अवस्था में पाया था। आरोपियों ने हत्या के बाद 10 लाख रुपये नकद और 20 ग्राम सोने के आभूषण भी लूट लिए थे।

मामले की शुरुआती जांच जिला पुलिस ने की थी, लेकिन मृतक के बेटे द्वारा जांच में खामियों के आरोप लगाए जाने के बाद उच्च न्यायालय के निर्देश पर मामला सीआईडी-सीबी को सौंपा गया।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित