नयी दिल्ली , सितंबर 16 -- सरकार ने ओजोन परत के संरक्षण और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा है कि देश ने आर्थिक विकास से समझौता किए बिना मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा किया है और अब पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के लिए आवश्यक सामूहिक कार्रवाई की जा रही है।

पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने बुधवार को मुंबई में 32वें विश्व ओजोन दिवस समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि भारत ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति सक्रिय नेतृत्व दिखाया है और सिद्ध किया है कि आर्थिक विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण भी संभव है। उन्होंने पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली अपनाने तथा संवहनीय शीतलन के उपायों को व्यवहार में लाने का लोगों का आह्वान किया है।

इस अवसर पर भारत के नेट जीरो पोर्टल और जलवायु परिवर्तन संबंधी राष्ट्रीय कार्य योजना (एनएपीसीसी) डैशबोर्ड का शुभारंभ किया गया। नेट जीरो पोर्टल विभिन्न क्षेत्रों में भारतीय संस्थाओं की स्वैच्छिक नेट जीरो प्रतिबद्धताओं के पंजीकरण और प्रकटीकरण के लिए केंद्रीकृत डिजिटल मंच उपलब्ध कराएगा जबकि एनएपीसीसी डैशबोर्ड राष्ट्रीय जलवायु मिशनों के कार्यान्वयन और प्रगति की समेकित निगरानी में मदद करेगा।

श्री सिंह ने पर्यावरण अनुकूल शीतलन के उपायों के लिए एयर कंडीशनर की सर्विसिंग प्रमाणित और सुरक्षित तरीके से रेफ्रिजरेंट का उपयोग करने वाले कुशल तकनीशियनों से कराने, बिजली की बचत और कार्बन उत्सर्जन में कमी के लिए एयर कंडीशनर का तापमान लगभग 24 डिग्री सेल्सियस पर रखने तथा ऊर्जा-कुशल उपकरणों का चुनाव करने की अपील की।

महाराष्ट्र की पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री पंकजा मुंडे ने कहा कि राज्य 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की दिशा में सतत विकास, कार्बन उत्सर्जन में कमी और पर्यावरण अनुकूल विकास पर ध्यान दे रहा है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र ओजोन परत संरक्षण और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए रोडमैप और कार्य योजनाएं तैयार कर रहा है तथा ऊर्जा दक्ष और जलवायु अनुकूल शीतलन प्रणालियों एवं भवनों को बढ़ावा दे रहा है।

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