भुवनेश्वर , जून 19 -- ओडिशा की डिजिटल अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने और पर्यटन क्षेत्र की वैश्विक पहचान बढ़ाने के मकसद से 'ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स' (ओएनडीसी) ने राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों और स्थानीय व्यवसायों को अधिक डिजिटल पहचान दिलाने का प्रस्ताव रखा है।
इस प्रस्ताव के तहत, ओडिशा के प्रमुख पर्यटन स्थलों जैसे कोणार्क, पुरी, चिल्का, सिमलीपाल, भीतरकनिका, इको-टूरिज़्म केंद्र और राज्य की समृद्ध आदिवासी संस्कृति को एक बड़े डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर दिखाया जाएगा ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुँच सकें।
ओएनडीसी टीम के अनुसार, इस पहल से घरेलू और विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ने, पर्यटन से आय में वृद्धि होने और स्थानीय स्तर पर रोज़गार के नये अवसर पैदा होने की उम्मीद है। इस प्रस्ताव का मकसद स्थानीय टूर ऑपरेटरों, होमस्टे मालिकों, 'मिशन शक्ति' समूहों, ओडिशा ग्रामीण विकास एवं विपणन समिति (ओआरएमएएस) -समर्थित व्यवसायों, हस्तशिल्प कारीगरों, बुनकरों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) उद्यमियों के लिए बाज़ार तक सीधी पहुँच बनाना भी है, ताकि वे डिजिटल कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिए देश भर के ग्राहकों से जुड़ सकें।
अधिकारियों का कहना है कि इससे ओडिशा के खास उत्पादों और पर्यटन से जुड़ी पेशकशों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी और वे और मज़बूत होंगे। यह प्रस्ताव ओडिशा की मुख्य सचिव अनु गर्ग की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में पेश किया गया। इस बैठक का मकसद राज्य में एमएसएमई , किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी), पारंपरिक हस्तशिल्प कारीगरों और अन्य विक्रेता समुदायों के बीच ई-कॉमर्स में भागीदारी बढ़ाने के उपायों पर चर्चा करना था।
ओएनडीसी सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) की एक प्रमुख पहल है। इसका मकसद एक खुले और अंतर संचालित नेटवर्क के ज़रिए डिजिटल कॉमर्स को ज़्यादा सुलभ और समावेशी बनाना है, जिससे सामान और सेवाओं के लेन-देन आसानी से हो सकें। अधिकारियों ने बताया कि अभी ओएनडीसी नेटवर्क के ज़रिए रिटेल, लॉजिस्टिक्स, वित्तीय सेवाओं, परिवहन और यात्रा जैसे क्षेत्रों में हर महीने लगभग दो करोड़ डिजिटल लेन देन हो रहे हैं। ओएनडीसी कई क्षेत्रों में दस से ज़्यादा केंद्रीय मंत्रालयों के साथ भी मिलकर काम कर रहा है।
श्रीमती गर्ग ने व्यापार को बढ़ावा देने के लिये डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र में मौकों को बढ़ाने की ज़रूरत पर भी ज़ोर दिया और ओएनडीसी नेटवर्क पर ओडिशा के पर्यटन और इको-टूरिज़्म केंद्रों को शामिल करने के लिए प्रोत्साहित किया।
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