अमृतसर , जुलाई 27 -- श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने सोमवार को ऑस्ट्रेलिया के वर्जीनिया स्थित गुरुद्वारा दशमेश दरबार भवन में भीषण आग लगने से हुए नुकसान पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने विश्वभर की सिख संगत से गुरुद्वारों में सुरक्षा और अग्नि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने की अपील करते हुए कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए।
जत्थेदार गड़गज्ज ने गुरु साहिब के समक्ष अरदास करते हुए समूचे सिख समुदाय की चढ़दी कला और कुशलता की कामना की। इस घटना के संबंध में जत्थेदार गड़गज्ज ने न्यूज़ीलैंड सेंट्रल सिख एसोसिएशन के अध्यक्ष दलजीत सिंह, ऑस्ट्रेलियन सिख काउंसिल के मनदीप सिंह, गुरुद्वारा काउंसिल ऑफ विक्टोरिया के रवि इंदर सिंह और प्रीतम सिंह तथा एडिलेड के गुरिंदरजीत सिंह को घटनास्थल का दौरा कर विस्तृत रिपोर्ट श्री अकाल तख्त साहिब को सौंपने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल स्थानीय ऑस्ट्रेलियाई प्रशासन और गुरुद्वारा दशमेश दरबार की प्रबंधक समिति के साथ समन्वय कर घटना की पूरी जानकारी जुटाएगा। साथ ही गुरुद्वारे में स्थापित श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के स्वरूपों (बीड़ों) की स्थिति संबंधी जानकारी भी रिपोर्ट में शामिल की जाएगी।
उन्होंने गुरुद्वारा दशमेश दरबार, वर्जीनिया की प्रबंधक समिति को भी निर्देश दिए हैं कि वह इस घटना की स्वतंत्र एवं विस्तृत रिपोर्ट श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय को भेजे। उन्होंने कहा कि आज दुनिया के अनेक देशों में सिख समुदाय निवास कर रहा है और जहां-जहां सिख बसे हैं, वहां उन्होंने अपनी मेहनत और समर्पण से सुंदर गुरुद्वारों का निर्माण किया है। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के वर्जीनिया में रहने वाले सिख समुदाय को साहस, धैर्य और चढ़दी कला बनाए रखने का संदेश दिया।
जत्थेदार गड़गज्ज ने कहा कि आग लगने के वास्तविक कारणों की पारदर्शी जांच होनी चाहिए ताकि भविष्य के लिए आवश्यक सबक लिए जा सकें और गुरु घर के पुनर्निर्माण की दिशा में उचित कदम उठाए जा सकें। उन्होंने यह भी कहा कि इस बात की भी गंभीरता से जांच की जानी चाहिए कि कहीं इस घटना के पीछे किसी प्रकार की शरारत या साजिश तो नहीं थी।
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