खम्मम , जुलाई 20 -- तेलंगाना के उप मुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्का ने सोमवार को कहा कि ऑयल पाम की खेती से किसानों को सूखे के हालात में भी आमदनी का एक स्थिर और सुनिश्चित ज़रिया मिलता है।

खम्मम ज़िले के कोनिजेरला मंडल के अंजनपुरम गाँव में गोदरेज के 300 करोड़ रुपये के एकीकृत पाम ऑयल उद्योग का उद्घाटन करते हुए श्री भट्टी ने कृषि मंत्री तुम्माला नागेश्वर राव और कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ कहा कि यह परियोजना ज़िले की कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था के लिए गेम-चेंजर साबित होगा। उन्होंने किसानों से अपनी आजीविका बेहतर बनाने के लिए बड़े पैमाने पर इस फसल को अपनाने की अपील की।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार 4,000 रुपये से लेकर 45,000 रुपये प्रति एकड़ तक की सब्सिडी देकर ऑयल पाम की खेती को बढ़ावा दे रही है। यह बताते हुए कि भारत को हर साल लगभग 25 लाख टन पाम ऑयल की ज़रूरत होती है, लेकिन उत्पादन सिर्फ़ 12 लाख टन के आसपास ही होता है, उन्होंने कहा कि घरेलू स्तर पर खेती बढ़ाने से आयात कम होगा, विदेशी मुद्रा की बचत होगी और किसानों की आमदनी बढ़ेगी।

उप मुख्यमंत्री ने बताया कि फ्रेश फ्रूट बंच (एफएफबी) की कीमत 2023 में लगभग 12,500 रुपये प्रति टन से बढ़कर लगभग 23,000 रुपये प्रति टन हो गयी है, जिससे पाम ऑयल एक बहुत फायदेमंद फसल बन गयी है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में 70 लाख एकड़ ज़मीन पर ऑयल पाम की खेती करने की क्षमता है, हालांकि अभी सिर्फ़ 15 लाख एकड़ में ही इसकी खेती हो रही है।

श्री भट्टी ने बताया कि 113 एकड़ में फैली इस इंटीग्रेटेड सुविधा में शोध और विकास , सीड जेनेटिक्स, सीड गार्डन, नर्सरी, मिलिंग और रिफाइनिंग यूनिट्स शामिल हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि कोनिजेरला मलेशिया और इंडोनेशिया से आयात पर निर्भर रहने के बजाय पूरे देश के लिए अच्छी क्वालिटी के ऑयल पाम बीज बनाने का केंद्र बन जायेगा।

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