पटना , मई 13 -- बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने बुधवार को कहा कि अब ऑफलाइन भू-अभिलेख जारी नहीं किये जायेंगे और इसकी शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ दिलीप कुमार जायसवाल ने आज विभागीय कक्ष में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। समीक्षा बैठक से पहले विभाग के सचिव जय सिंह ने मंत्री श्री जायसवाल को विभाग में चल रहे महत्वपूर्ण कार्यों की जानकारी दी। इसके बाद आईटी मैनेजर आनंद शंकर ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से विभिन्न योजनाओं और ऑनलाइन सेवाओं की स्थिति से अवगत कराया।
मंत्री डॉ. जायसवाल ने कहा कि जून माह में वंचित तबके के लोगों के लिए 'अभियान बसेरा' के तहत राज्यव्यापी एक सप्ताह का विशेष अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस बार आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह पोर्टल आधारित होगी। अब तक राजस्व कर्मचारी सर्वे कर डेटा उपलब्ध कराते थे, लेकिन नई व्यवस्था में लोगों से सीधे ऑनलाइन आवेदन लिए जाएंगे।
श्री जायसवाल ने कहा कि राज्यभर में सरकारी जमीन की पहचान के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक का उपयोग किया जाएगा। उन्होंने खासमहल जमीन की पहचान के लिए जिलावार आंकड़ा उपलब्ध कराने के निर्देश दिये।उन्होंने स्पष्ट किया कि खासमहल श्रेणी की जमीन से संबंधित किसी भी कार्रवाई का अधिकार अंचल अधिकारियों को नहीं होगा।
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