जशपुर , जनवरी 19 -- छत्तीसगढ़ के जशपुर में गौ तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन शंखनाद के तहत पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। थाना आस्ता क्षेत्र के ग्राम खोंगा में ग्रामीणों की सूचना पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने चार गौ वंशों को तस्करों से मुक्त कराया और एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। जबकि दूसरा आरोपी फरार हो गया है जिसकी तलाश जारी है।
मामले की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि रविवार रात करीब आठ बजे थाना आस्ता पुलिस को ग्राम खोंगा के निवासियों से सूचना मिली कि दो संदिग्ध व्यक्ति कुछ पशुओं को मारते-पीटते हुए पैदल ही झारखंड की ओर ले जा रहे हैं। इस सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। ग्रामीणों ने पहले ही एक संदिग्ध व्यक्ति को चार पशुओं के साथ रोक लिया था।
पूछताछ में पकड़े गए आरोपी का नाम बनर्जी भगत (55) है, जो ग्राम डड़गांव, चौकी मनोरा, जिला जशपुर का निवासी है। उसने बताया कि वह अपने एक साथी के साथ इन पशुओं को झारखंड ले जा रहा था। पुलिस ने बनर्जी भगत की निशानदेही पर फरार साथी को भी चिन्हित कर लिया है और उसकी तलाश के लिए पता साजी जारी है। बचाए गए चारों पशुओं का पशु चिकित्सक द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया है।
पुलिस द्वारा पर्याप्त सबूत और आरोपी के अपराध स्वीकार करने के बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। आरोपियों के खिलाफ थाना आस्ता में छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर, शशि मोहन सिंह ने बताया कि ऑपरेशन शंखनाद के तहत अब तक 146 मामलों में 1410 गौ वंशों को मुक्त कराया जा चुका है और 243 तस्कर गिरफ्तार किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि आस्ता क्षेत्र में ग्रामीणों के सहयोग से की गई यह कार्रवाई सफल रही। फरार आरोपी को शीघ्र ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा और गौ तस्करी में शामिल किसी को भी नहीं बख्शा जाएगा।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी आस्ता, उप निरीक्षक अर्जुन यादव, प्रधान आरक्षक कोसमोस बड़ा, आरक्षक अरुण तिग्गा, दीपक भगत, अनंत भगत और दिनेश भगत की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने ग्रामीणों के सहयोग के लिए उनका आभार भी व्यक्त किया है।
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