पुणे , जून 21 -- शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सांसद ओमराजे निंबालकर के रुख को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच बहुचर्चित 'ऑपरेशन टाइगर' का भविष्य अधर में नजर आ रहा है।
सूत्रों के अनुसार श्री निंबालकर को पार्टी में बनाये रखने के लिए उबाठा नेता प्रयासों में जुटे हैं। राज्यसभा सांसद संजय राउत ने दावा किया है कि श्री निंबालकर अब भी पार्टी के संपर्क में हैं।
इसी क्रम में शनिवार देर रात वरुण सरदेसाई ने पुणे के बानेर स्थित श्री निंबालकर के आवास पर उनसे मुलाकात की। इस दौरान उनके करीबी सहयोगी कैलास पाटिल भी मौजूद थे।
बताया जा रहा है कि शिवसेना (उबाठा) के छह सांसद अलग समूह बनाने और बाद में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के साथ जाने की तैयारी में हैं। श्री निंबालकर इस समूह के प्रमुख सदस्यों में माने जा रहे हैं। उन्होंने हाल ही में कहा था कि किसी भी अंतिम निर्णय से पहले वह अपने कार्यकर्ताओं और मतदाताओं से राय लेंगे।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि श्री निंबालकर प्रस्तावित गुट से अलग होते हैं तो बागी सांसदों के पास आवश्यक संख्या नहीं बचेगी। दल-बदल कानून के तहत अलग समूह की मान्यता के लिए दो-तिहाई सदस्यों का समर्थन जरूरी है।
इस बीच, 2006 के पवनराजे निंबालकर हत्याकांड में विशेष सीबीआई अदालत द्वारा सभी आरोपियों को बरी किये जाने के बाद भी राजनीतिक घटनाक्रम पर नजरें टिकी हुई हैं।
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