रायपुर , अगस्त 28 -- छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने ऑनलाइन सट्टे और मनी गेमिंग के खिलाफ की जा रही कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि राज्य में ऑनलाइन और ऑफलाइन सट्टे का नेटवर्क लगातार फैल रहा है और सरकार इसे रोकने में विफल रही है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने शुक्रवार को जारी बयान में आरोप लगाया कि केंद्र सरकार और उसके अधीन जांच एजेंसियां पिछले कई वर्षों से महादेव ऑनलाइन सट्टा मामले के संचालकों के खिलाफ कार्रवाई के दावे करती रही हैं लेकिन प्रमुख आरोपियों को अब तक भारत नहीं लाया जा सका है। उन्होंने सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल सहित अन्य आरोपियों का उल्लेख करते हुए सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए।
श्री वर्मा ने आरोप लगाया कि एक तरफ ऑनलाइन सट्टा और मनी गेमिंग से जुड़े कारोबार पर वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) और आयकर की कार्रवाई की जा रही है, वहीं दूसरी तरफ सट्टे के नेटवर्क को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कथित तौर पर ऑनलाइन सट्टे के विज्ञापन प्रसारित होने का मुद्दा उठाते हुए केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण विभाग की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए।
कांग्रेस प्रवक्ता ने कुछ अधिकारियों और भाजपा से जुड़े लोगों के नामों का उल्लेख करते हुए ऑनलाइन सट्टे के कारोबार से कथित संबंध होने के आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि कार्रवाई का दायरा और स्वरूप सत्ता में बैठे लोगों के प्रभाव के आधार पर तय हो रहा है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया तत्काल उपलब्ध नहीं है।
श्री वर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ के शहरों से लेकर कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों तक ऑनलाइन तथा ऑफलाइन सट्टे का नेटवर्क फैलने की शिकायतें सामने आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विभिन्न ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के साथ व्हाट्सएप चैट, डिजिटल भुगतान और क्यूआर कोड के माध्यम से भी सट्टे का संचालन किया जा रहा है। इसके लिए फर्जी नामों से बैंक खाते और अवैध सिम कार्ड इस्तेमाल किए जाने का भी उन्होंने दावा किया।
उन्होंने राज्य सरकार के ऑपरेशन 'अंकुश' और अन्य विशेष अभियानों की प्रभावशीलता पर सवाल उठाते हुए कहा कि इनके अपेक्षित परिणाम धरातल पर दिखाई नहीं दे रहे हैं।
श्री वर्मा ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि ऑनलाइन और ऑफलाइन जुआ-सट्टे पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से 'छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम, 2022' लागू किया गया था। उन्होंने दावा किया कि इस कानून के तहत 97 से अधिक मामले दर्ज किए गए और बड़ी संख्या में मोबाइल फोन तथा लैपटॉप जब्त करने के साथ आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी।
कांग्रेस प्रवक्ता ने पूर्व में केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार को बदनाम करने के लिए राजनीतिक उद्देश्य से आरोप लगाए गए। उन्होंने दावा किया कि राज्य में सरकार बदलने के बाद सट्टे के खिलाफ कार्रवाई की गति धीमी हुई है।
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