दुर्ग , अक्टूबर 09 -- छत्तीसगढ़ की दुर्ग पुलिस ने ऑनलाइन सट्टे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र के ठाणे में संचालित एक सट्टा गिरोह का भंडाफोड़ किया है। एंटी साइबर क्राइम यूनिट (एसीसीयू) और वैशाली नगर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी कर गिरोह के दो मुख्य संचालकों सहित 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से चार लैपटॉप, 31 मोबाइल फोन, बैंक खातों से संबंधित दस्तावेज, एटीएम कार्ड और सट्टे के हिसाब-किताब का रिकॉर्ड जब्त किया है। प्रारंभिक जांच में संबंधित बैंक खातों के माध्यम से करोड़ों रुपये के लेन-देन का पता चला है।

पुलिस से आज मिली जानकारी के अनुसार, एसीसीयू को म्यूल बैंक खातों के जरिए ऑनलाइन सट्टे का कारोबार संचालित किए जाने की सूचना मिली थी। इसके आधार पर वैशाली नगर पुलिस के साथ संयुक्त टीम गठित कर महाराष्ट्र के ठाणे में कार्रवाई की गई। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी एक 50 मंजिला आवासीय इमारत की 25वीं मंजिल पर किराए के फ्लैट से सट्टे का संचालन कर रहे थे। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान दो मकानों से आरोपियों को पकड़ा।

पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह के सदस्य रेड्डी अन्ना-162 और फेयरप्ले दर्पण नामक ऑनलाइन सट्टा ऐप के पैनल संचालित कर रहे थे। इस पूरे नेटवर्क की कमान मुख्य आरोपी विष्णु तिवारी और मेहुल निषाद के हाथों में थी। दोनों विभिन्न स्थानों से युवकों को आर्थिक प्रलोभन देकर गिरोह में शामिल करते थे।

पुलिस के मुताबिक, सट्टे के संचालन में लगाए गए युवकों को प्रतिमाह 20 से 25 हजार रुपये वेतन दिया जाता था। इन युवकों को किराए के फ्लैट में ही 24 घंटे रहकर काम करना पड़ता था। गिरोह के सदस्यों ने आपसी समन्वय और सट्टे से संबंधित सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए व्हाट्सएप समूह भी बना रखा था। इसी माध्यम से ऑनलाइन सट्टे के संचालन और वित्तीय गतिविधियों से जुड़ी जानकारियां साझा की जाती थीं।

जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी संतोष राम बिहार का निवासी है। उसे फ्लैट में रहने वाले अन्य सदस्यों के लिए बाहर से राशन और दैनिक उपयोग की आवश्यक सामग्री लाने की जिम्मेदारी दी गई थी। पुलिस गिरोह में शामिल प्रत्येक आरोपी की भूमिका और उनके अन्य संपर्कों की पड़ताल कर रही है।

इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विष्णु तिवारी, मेहुल निषाद, अंकित निषाद, नितेश कुमार, नरेश कन्हाई, दीपक कश्यप, हर्षवर्धन निषाद, संतोष राम, भुवन देवांगन और चेतन ध्रुव के रूप में हुई है। सभी आरोपी अलग-अलग स्थानों के निवासी बताए गए हैं।

दुर्ग के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शोभराज अग्रवाल ने बताया कि वैशाली नगर थाना पुलिस और एसीसीयू की टीम को मुंबई के ठाणे में किराए के मकान से ऑनलाइन सट्टा चलाए जाने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर टीम ने दबिश दी और दो मकानों से मुख्य आरोपी समेत 10 लोगों को गिरफ्तार किया।

उन्होंने बताया कि आरोपियों के पास से लैपटॉप, मोबाइल फोन, बैंक खातों की जानकारी, एटीएम कार्ड और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पुलिस की जांच में जब्त बैंक खातों में अब तक करोड़ों रुपए के लेन-देन की जानकारी सामने आई है।

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