धार , अगस्त 27 -- मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी संघ वन विभाग प्रकोष्ठ ने वनमंडल धार में फील्ड स्टाफ की ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था को लेकर विरोध जताया है। संघ ने डीएफओ को ज्ञापन सौंपकर कर्मचारियों की व्यावहारिक और तकनीकी समस्याओं का 31 अगस्त तक लिखित समाधान करने की मांग की है। संघ ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समय सीमा में समाधान नहीं होने पर एक सितंबर से कर्मचारी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं करेंगे और दबाव बनाए जाने पर हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर होंगे।
संघ के जिलाध्यक्ष विनोद राठौर ने ज्ञापन में कहा कि एक सितंबर से फील्ड स्टाफ के लिए ऑनलाइन अटेंडेंस लागू करने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि वन कर्मचारियों की ड्यूटी 24 घंटे और वर्ष के 365 दिन रहती है। संघ ने कहा कि आठ घंटे की ऑनलाइन ड्यूटी पूरी होने के बाद कार्यक्षेत्र में कोई अवैध गतिविधि होने पर संबंधित कर्मचारी पर होने वाली दंडात्मक कार्रवाई और रिकवरी से संरक्षण की व्यवस्था स्पष्ट की जानी चाहिए।
संघ ने पुलिस विभाग की तर्ज पर 365 दिन कार्य करने वाले वन कर्मचारियों को एक माह का अतिरिक्त वेतन देने तथा ड्यूटी समय के बाद आपात स्थिति में बुलाए जाने पर अतिरिक्त भत्ते की व्यवस्था करने की मांग की है। इसके अलावा कर्मचारियों को मोबाइल और डेटा उपलब्ध कराने तथा गैर-तकनीकी श्रेणी के वनरक्षकों को तकनीकी दर्जा देकर प्रशिक्षण देने की मांग भी की गई है। संघ का कहना है कि वनरक्षकों से केएमएल फाइल और वन सुविधा ऐप जैसे तकनीकी कार्य भी कराए जा रहे हैं।
संघ ने आरोप लगाया कि वनरक्षक ऐप शासन स्तर से स्वीकृत नहीं है और इसे धार वनमंडल में जबरन लागू किया जा रहा है। कर्मचारियों ने कहा कि ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने से अवकाश के दिनों में भी उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान किए जाने की आशंका है।
संघ ने स्पष्ट किया है कि 31 अगस्त तक मांगों पर लिखित आश्वासन नहीं मिलने पर कर्मचारी एक सितंबर से ऑनलाइन अटेंडेंस का पूर्ण बहिष्कार करेंगे। इसके साथ ही दबाव बनाए जाने की स्थिति में आंदोलन और हड़ताल का रास्ता अपनाने की चेतावनी दी गई है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित