कोलकाता , मई 04 -- पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक नए युग का सूत्रपात हुआ है। राज्य के चुनावी इतिहास में यह पहली बार है जब पहली बार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पूर्ण बहुमत की सरकार बनने जा रही है। इस प्रचंड जीत के साथ ही बंगाल की सत्ता पर तृणमूल के 15 साल के शासन का अंत हो गया है।
भाजपा ने 294 सीटों वाली राज्य विधानसभा में अबतक 130 सीटें पर जीत हासिल कर ली है और 77 सीटों पर बढ़त बनायी हुयी है। इस तरह से उसकी जीत का आंकड़ा 207 तक पहुंचता दिख रहा है।
तृणमूल कांग्रेस ने केवल 48 सीटों पर जीत हासिल की और 32 सीटों पर बढ़त के साथ उसकी झोली में अधिकतम 80 सीट ही आ सकेंगी।
कांग्रेस ने दो सीटें जीतीं और आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) ने भी दो ही सीटों पर विजय हासिल की है।
अगर पिछले चुनावों के प्रदर्शन पर नजर डालें, तो 2019 के लोकसभा चुनाव में तृणमूल को 43.3 प्रतिशत मतों के साथ 22 सीटें मिली थीं, जबकि भाजपा 40.25 प्रतिशत वोट पाकर 18 सीटों तक पहुंच गई थी। इसके बाद 2021 के विधानसभा चुनाव में बड़ा बदलाव देखा गया, जहाँ तृणमूल ने 47.94 प्रतिशत मतों के साथ 213 सीटें जीतकर अपनी पकड़ मजबूत की थी, जबकि भाजपा 38.13 प्रतिशत वोट शेयर के साथ 77 सीटों पर सिमट गई थी।
चुनावी सफर के हालिया आंकड़ों को देखें तो 2024 के लोकसभा चुनाव में तृणमूल ने 46.16 फीसदी वोट हासिल कर 29 सीटें जीतीं, जबकि भाजपा 39.08 फीसदी वोट शेयर के साथ 12 सीटों पर रही।
भाजपा की चुनावी यात्रा में यह निरंतरता देखने को मिली है कि उसने 2016 में महज तीन सीट से शुरुआत की थी, जिसके बाद 2021 में 77 और अब 2026 में दो तिहाई बहुमत हासिल करने की कगार पर है।
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