मॉस्को , जुलाई 11 -- रूस ने कहा है कि वह तुर्की के पास मौजूद रूसी एस-400 वायु रक्षा प्रणाली के भविष्य को लेकर अर्दोगान प्रशासन के साथ संपर्क में है।

क्रेमलिन का यह बयान शुक्रवार को एक मीडिया रिपोर्ट के बाद आया, जिसमें दावा किया गया था कि तुर्की इन वायु रक्षा मिसाइलों को किसी अज्ञात खाड़ी देश को हस्तांतरित करने की तैयारी कर रहा है।

तुर्की के दैनिक समाचार पत्र हुर्रियत ने शुक्रवार को रिपोर्ट दी थी कि अंकारा एफ-35 लड़ाकू विमानों तक पहुंच हासिल करने के प्रयास के तहत एस-400 प्रणाली को किसी खाड़ी देश को फिर से बेचने की घोषणा कर सकता है। वर्ष 2019 में एस-400 प्रणाली की खरीद के बाद अमेरिका ने तुर्की को एफ-35 कार्यक्रम से बाहर कर दिया था। इस कार्यक्रम में तुर्की उत्पादन भागीदार भी था। इसके बाद अमेरिका ने अपने नाटो सहयोगी तुर्की पर प्रतिबंध भी लगाये थे।

अमेरिका का कहना था कि यह प्रणाली एफ-35 विमानों के लिए खतरा पैदा कर सकती है और नाटो प्रणालियों के साथ संगत नहीं है। वहीं, तुर्की ने बार-बार कहा है कि दोनों प्रणालियों के बीच कोई टकराव नहीं है और इस मुद्दे के अध्ययन के लिए एक संयुक्त आयोग गठित करने का प्रस्ताव दिया था। तुर्की का कहना है कि उसने एफ-35 कार्यक्रम से जुड़ी अपनी सभी जिम्मेदारियां पूरी की थीं और उसका निलंबन नियमों के खिलाफ था। तुर्की का मानना है कि एफ-35 विमान न केवल तुर्की बल्कि नाटो गठबंधन को भी मजबूत करेंगे।

इस सप्ताह नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति रेचेप तैयप अर्दोगान के साथ बातचीत में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका तुर्की पर लगाये गये प्रतिबंध हटा देगा और एफ-35 विमानों की बिक्री की इच्छा भी जतायी थी। इसे श्री ट्रंप की ओर से श्री अर्दोगान के लिए अब तक का सबसे बड़ा कूटनीतिक संकेत माना जा रहा है। श्री ट्रंप अक्सर श्री अर्दोगान की प्रशंसा करते हैं और उन्हें करीबी सहयोगी मानते हैं। पिछले वर्ष श्री ट्रंप के दोबारा सत्ता में आने के बाद दोनों देशों के संबंधों में काफी सुधार आया है।

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