जयपुर , जून 19 -- राजस्थान के कृषि मंत्री डॉ किरोड़ी लाल मीणा ने नकली बीज घूसकांड को लेकर शुक्रवार को अपनी ही सरकार की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) पर उनकी छवि बिगाड़ने के षड़यंत्र में शामिल होने का आरोप लगाया और कहा कि एसीबी उन पर लगे आरोप के बारे में वस्तु स्थिति स्पष्ट करे, नहीं तो आरोप के तहत उन्हें गिरफ्तार करने की कार्रवाई करे।
डॉ मीणा एसीबी कार्यालय पहुंचकर एसीबी महानिदेशक के नाम पत्र देकर यह बात कही। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा शक है कि एसीबी ने किसी दबाव में यह गैर कानूनी कार्य किया तथा षड़यंत्र रचकर उनको बदनाम करने का कार्य किया। उन्होंने कहा " वह चाहते है कि जनता को जानकारी दी जाये कि यह डॉक्टर कौन है तथा मंत्री कौन हैं। आप जानते है कि मैं डाक्टर भी हूं और मंत्री भी हूं, इससे आमजन में मेरे बारे में संशय बना हुआ है और यह गलत धारणा बनी है कि मैं इस प्रकरण में शामिल हूं।"उन्होंने पत्र में कहा ''जिससे मेरी छवि पर भारी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। उन्होंने आग्रह किया कि यह स्पष्टता मीडिया के जरिए जनता के बीच में रखी जानी चाहिए। अगर किसी कारणों से ऐसा किया जाना संभव नहीं हो तो कृपया मुझे गिरफ्तार कर ले, मैं गिरफ्तारी देने के लिए तैयार हूं।"डॉ किरोड़ी ने कहा कि गत 10 जून को एक अखबार में खबर छपी थी कि प्राथमिकी में सतीश कुमार का नाम, डॉक्टर, मंत्री का जिक्र भी है। एसीबी द्वारा पकड़े गये जुगल ने मुझ पर मनगढ़ंत आरोप लगाये। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद डोटासरा ने सीकर में कृषि विभाग के व्यक्ति द्वारा मेरे नाम से 20-20 लाख रुपए लेने ,छापेमारी की आड़ में राशि एकत्रित करने , पहले छापा फिर सेटिंग आदि बयान दिए तथा राज्य के पूर्व मुख्यमत्री अशोक गहलोत ने नकली बीज घूसकांड में मंत्री की भूमिका की जांच करने की मांग की। इसी तरह अन्य नेताओं एवं लोगों ने मुझ पर सीधा निशाना साधते हुए पूरे मामले में मेरी मिलीभगत होने के आरोप लगाये।
उन्होंने आरोप लगाया कि एसीबी द्वारा नौ जून को एसीबी की वेबसाइट पर एफआईआर अपलोड की गई जबकि एक प्राथमिकी के तथ्य पहले ही सामने आने लग गये थे जिसकी पूरी जांच किया जाना आवश्यक है कि यह जानकारी कहां से लीक हुई एवं इसे किसने वायरल किया।
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