मुंबई , मार्च 11 -- भारत और जापान के बीच द्विपक्षीय वित्तीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) और जापान के एमयूएफजी बैंक ने एक करार पर हस्ताक्षर किया है।
एसबीआई ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि इस समझौते का उद्देश्य कॉर्पोरेट के लिए सीमा-पार पूंजी प्रवाह को सुगम बनाना, वित्तपोषण के नये समन्वित अवसरों का सृजन और एशिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में टिकाऊ आर्थिक विकास को समर्थन देना है। इससे भारत में विस्तार कर रही जापानी कंपनियों तथा अंतर्राष्ट्रीय विकास की ओर अग्रसर भारतीय कंपनियों को मदद मिलेगी।
दोनों बैंकों के बीच पहले भी कई मामलों में सहयोग रह चुका है।
इस समझौते से दोनों बैंकों के बीच गठबंधन को एक औपचारिक और संरचित ढांचा मिलेगा, जिससे प्राथमिक उद्योगों और सीमा-पार अवसरों में सहयोग को और विस्तार दिया जा सकेगा। दोनों बैंक परियोजनाओं के संरचनाकरण और वित्तपोषण में सहयोग की संभावनाओं का पता लगाएंगे, खासकर विलय एवं अधिग्रहण, विमानन और रियल एस्टेट के वित्त पोषण जैसे क्षेत्रों में, ताकि भारतीय और वैश्विक ग्राहकों को समर्थन दिया जा सके। वे विलय एवं अधिग्रहण के लिए सलाह देंगे, वाणिज्य के लिए वित्त उपलब्ध करायेंगे और खुदरा बैंकिंग समाधान में भी सहयोग करेंगे। इससे जापानी कॉरपोरेट से जुड़े संभावित सीमा पार लेन-देन को सुगम बनाया जायेगा।
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