रायपुर/बलरामपुर , फरवरी 16 -- त्तीसगढ में बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के कोरंधा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम हंसपुर में अवैध बॉक्साइट खनन के आरोप को लेकर हुए विवाद में मारपीट से एक ग्रामीण की मृत्यु हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए। पुलिस ने मामले में एसडीएम करूण डहरिया सहित चार आरोपियों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ कर दी है। घटना को लेकर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग की है।

थाना कोरंधा में मर्ग क्रमांक 02/026 धारा 194 बीएनएसएस के तहत की गई जांच में चश्मदीद साक्षी राजेन्द्र पैकरा, देवचंद पैकरा, परिजनों एवं घायलों के कथनों, घटनास्थल निरीक्षण तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर यह तथ्य सामने आया कि 15 फरवरी को लगभग 21.00 बजे आरोपीगण ने राम उर्फ रामनरेश (62) निवासी ग्राम हंसपुर पर अवैध बॉक्साइट खनन एवं परिवहन कराने का आरोप लगाते हुए लकड़ी के डंडों तथा हाथ-मुक्कों से मारपीट की। घटना में रामनरेश को गंभीर चोटें आईं, जबकि अजीत राम (60) और आकाश अगरिया (20) भी घायल हुए।

घायल रामनरेश को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुसमी लाया गया। चिकित्सा अधिकारी डॉ. सोहनलाल द्वारा 16 फरवरी को दिए गए लिखित प्रतिवेदन के अनुसार 15 फरवरी को रात 10:50 बजे मरीज को अचेत अवस्था में एसडीएम के चालक सत्यप्रकाश तथा अंगरक्षक भीष्म यादव द्वारा अस्पताल लाया गया था।

प्राथमिक उपचार के बाद उसे मेडिकल कॉलेज अंबिकापुर रेफर किया गया, किंतु वहां नहीं ले जाया गया। 16 फरवरी को 00:14 बजे उसकी मृत्यु हो गई।मृत्यु की सूचना 16 फरवरी को 09:20 बजे थाना कुसमी में दर्ज की गई। सूचनाकर्ता कुंजदेव भगत (46), शासकीय वाहन चालक, द्वारा प्रस्तुत तहरीर के आधार पर मर्ग इंटिमेशन दर्ज कर पंचनामा कार्यवाही की गई। तत्पश्चात प्रकरण क्षेत्राधिकार अनुसार थाना कोरंधा को प्रेषित किया गया, जहां विस्तृत जांच उपरांत आरोपियों के विरुद्ध धारा 103(1), 115(2), 3(5) भारतीय न्याय संहिता के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया।

प्रकरण की विवेचना निरीक्षक अमर सिंह कोमरे द्वारा की जा रही है तथा सूचना माननीय न्यायालय जेएमएफसी राजपुर को प्रेषित कर दी गई है।

इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए विधानसभा नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि बलरामपुर जिले के हंसपुर गांव में हुई घटना अत्यंत दुखद और विचलित करने वाली है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक गुंडागर्दी और अधिकारियों द्वारा आदिवासी ग्रामीणों के साथ की गई मारपीट के परिणामस्वरूप एक ग्रामीण की जान चली गई, जो अत्यंत गंभीर और संवेदनशील मामला है।

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