जम्मू , सितंबर 27 -- जम्मू स्थित राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) ने आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत जम्मू विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए प्रायोगिक प्रशिक्षण सत्र और जागरूकता गतिविधियां आयोजित कीं हैं।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार छात्र यहां एसडीआरएफ बटालियन मुख्यालय में एक हफ़्ते का मूलभूत आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण ले रहे हैं।एसडीआरएफ जम्मू के कमांडेंट मोहम्मद असलम के मार्गदर्शन और बल के जम्मू पुलिस उपाधीक्षक (प्रशिक्षण) रोहित देव सिंह की देखरेख में हो रहे इस प्रशिक्षण के दौरान छात्रों को आपदा से निपटने और आपातकालीन प्रबंधन के अलग-अलग पहलुओं का प्रायोगिक अनुभव दिया गया।

इसमें प्रशिक्षण लेने वालों ने सीटीआई , कोट भलवाल, जम्मू का दौरा किया, जहां राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रया बल (एनडीआरएफ) की एक कंपनी तैनात है। एनडीआरएफ टीम ने कई कीमती उपकरणों का प्रदर्शन किया और अलग-अलग आपदा और आपात स्थितियों में उनकी उपयोगिता और महत्व के बारे में बताया।

एनडीआरएफ के सहायक कमांडेंट ने छात्रों को आपदा प्रबंधन, आपात प्रतिक्रिया और बचाव कार्यों के महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में भी जागरूक किया। सीटीआई के प्रिंसिपल और पुलिस उपाधीक्षक देव राज ने छात्रों से बातचीत की और उन्हें सामुदायिक जागरूकता और तैयारी के महत्व के बारे में बताया। प्रशिक्षण के प्रायोगिक हिस्से के तौर पर प्रशिक्षण लेने वालों के बचाव कौशल और ऑपरेशनल तैयारी को बेहतर बनाने के लिए पानी से जुड़े अभ्यास और नाव चलाने की गतिविधियां भी कराई गईं।

जानकारी के अनुसार "इन अभ्यास में नावों को सुरक्षित और प्रभावी ढंग से चलाने, बचाव की बुनियादी तकनीकों और बाढ़ जैसी स्थितियों व पानी से जुड़ी अन्य आपातकाल के दौरान सही तरीके से प्रतिक्रिया देने पर ध्यान दिया गया।"छात्रों को आपदा-प्रतिक्रिया के बारे में बुनियादी जागरूकता और आपातकाल के दौरान ज़िम्मेदारी से भाग लेने के महत्व के बारे में भी जागरूक किया गया। छात्रों को सलाह दी गई कि वे अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें और साथ ही सही जानकारी और कौशल का इस्तेमाल करके परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और ज़रूरतमंद लोगों को तब तक समय पर मदद पहुंचाएं जब तक कि पेशेवर बचाव एजेंसियां न आ जाएं।

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