देहरादून , जुलाई 28 -- केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर उत्तराखंड के देहरादून जिला अन्तर्गत मुंडिया गाँव में राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की अंतरराज्यीय संयुक्त आपदा प्रबंधन संयुक्त आपदा प्रतिक्रिया (मॉक) अभ्यास किया गया।

मंगलवार को हुए इस मॉक अभ्यास में हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड एसडीआरएफ के टीमों ने आपदा की स्थिति में अंतरराज्यीय समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता तथा संसाधनों के प्रभावी उपयोग को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया।

इस दौरान टेबल टॉक मीटिंग में सेनानायक एसडीआरएफ उत्तराखण्ड अर्पण यदुवंशी ने कहा कि किसी भी बड़ी आपदा के दौरान विभिन्न राज्यों की आपदा प्रतिक्रिया एजेंसियों के मध्य प्रभावी समन्वय, त्वरित निर्णय क्षमता तथा एकीकृत कार्यप्रणाली ही सफल राहत एवं बचाव कार्यों की आधारशिला होती है। इस प्रकार के संयुक्त अभ्यास विभिन्न एजेंसियों को एक-दूसरे की कार्यप्रणाली, संसाधनों एवं क्षमता को समझने का अवसर प्रदान करते हैं, जिससे वास्तविक आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्य अधिक प्रभावी एवं समन्वित रूप से संपादित किए जा सकते हैं। उन्होंने सभी टीमों को निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी), आपदा प्रबंधन प्रणाली तथा सुरक्षा मानकों का पूर्णतः पालन करते हुए अभ्यास सम्पन्न करने के निर्देश दिए।

अभ्यास के अंतर्गत घटना स्थल के समीप एक सुव्यवस्थित घटना कमांड पोस्ट स्थापित किया गया, जहाँ से संपूर्ण बचाव अभियान का संचालन एवं समन्वय किया गया। इसके अतिरिक्त घायलों के प्राथमिक उपचार एवं चिकित्सकीय सहायता को मेडिकल पोस्ट भी स्थापित की गई, जिससे वास्तविक आपदा जैसी परिस्थितियों में विभिन्न इकाइयों के मध्य समन्वित कार्यप्रणाली का व्यावहारिक परीक्षण किया जा सके। घटना की सूचना प्राप्त होते ही एसडीआरएफ वाहिनी मुख्यालय, जॉलीग्रांट में स्थापित स्टेजिंग एरिया से तीनों राज्यों की टीमें त्वरित रूप से घटना स्थल के लिए रवाना हुईं। निर्धारित समय में घटनास्थल पर पहुँचकर टीमों ने उत्कृष्ट समन्वय, प्रभावी संचार व्यवस्था तथा स्पष्ट कमांड एवं कंट्रोल सिस्टम का प्रदर्शन करते हुए संयुक्त राहत एवं बचाव अभियान संचालित किया।

संयुक्त अभ्यास में उत्तर प्रदेश एसडीआरएफ की ओर से सहायक कमांडेंट सोमनाथ यादव एवं निरीक्षक बृजेश सिंह ने अपनी टीम के साथ सक्रिय सहभागिता की, जबकि हरियाणा की टीम का नेतृत्व टीम इंचार्ज निरीक्षक शीशराम द्वारा किया गया। तीनों राज्यों की टीमों ने पूरे अभ्यास के दौरान आपसी समन्वय, तकनीकी दक्षता एवं पेशेवर कार्यप्रणाली का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए संयुक्त राहत एवं बचाव अभियान को सफलतापूर्वक सम्पन्न किया।मॉक अभ्यास के दौरान रस्सी बचाव, ध्वस्त संरचना में खोज एवं बचाव (सीएसएसआर), खोज एवं बचाव अभियान, नदी पार करने की तकनीक, पीड़ितों की खोज एवं सुरक्षित निकासी, घायलों की सुरक्षित निकासी, चिकित्सीय आपात प्रतिक्रिया, संचार प्रबंधन, घटनास्थल प्रबंधन सहित विभिन्न तकनीकी बचाव प्रक्रियाओं का सफल अभ्यास किया गया।

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