कोलकाता , अगस्त 19 -- पश्चिम बंगाल पुलिस के विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने कथित जासूसी नेटवर्क के सिलसिले में संदिग्ध पाकिस्तानी जासूस राणा रऊफ़ के एक और साथी को गिरफ़्तार किया है जिससे इस मामले में गिरफ्तार लोगों की संख्या बढ़कर चार हो गयी है।
एसटीएफ ने हुगली के रिशरा से ज़फ़र शाम उर्फ़ सनी को गिरफ़्तार किया। एसटीएफ सूत्रों के अनुसार सनी कोलकाता के टोपसिया का रहने वाला है और पुलिस द्वारा इस मामले में गिरफ़्तारियां शुरू करने के बाद वह रिशरा में छिप गया था।
जांचकर्ता अब राणा के साथ उसके संबंधों की प्रकृति और संदिग्ध नेटवर्क में उसकी कथित भूमिका की जांच कर रहे हैं। एसटीएफ ने इससे पहले टोपसिया से इमरान हुसैन को गिरफ़्तार किया था। इमरान पर पाकिस्तानी नागरिक राणा को काठमांडू से कोलकाता आने में मदद करने और उसके लिए भारतीय पहचान दस्तावेज़ों का इंतज़ाम करने का आरोप है। टोपसिया के ही रहने वाले एजाज़ अली को भी 12 अगस्त को राणा के साथ गिरफ़्तार किया गया था। एजाज़ कथित तौर पर राणा के साथियों में से एक के तौर पर काम करता था।
राणा उर्फ वहाब आलम को स्वतंत्रता दिवस से पहले 12 अगस्त को उत्तर 24 परगना के हाबरा से गिरफ़्तार किया गया था। जांचकर्ताओं का आरोप है कि पाकिस्तानी नागरिक होने के बावजूद वह काठमांडू के रास्ते भारत में घुसने के बाद फ़र्ज़ी पहचान का इस्तेमाल करके कोलकाता में रह रहा था। एसटीएफ को शक है कि वह पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) के एजेंट के तौर पर काम कर रहा था।
जांचकर्ताओं के अनुसार राणा कथित तौर पर भारत से संवेदनशील जानकारी इकट्ठा करने और उसे भेजने के लिए एक नेटवर्क बनाने की कोशिश कर रहा था। उसने गोपनीय जानकारी इकट्ठा करने के लिए लोगों को भर्ती करने की भी कोशिश की थी।
एसटीएफ को पता चला है कि राणा कथित तौर पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और सेना की गतिविधियों के बारे में जानकारी इकट्ठा कर रहा था। जांचकर्ताओं को यह भी शक है कि उसने कोलकाता के फोर्ट विलियम की तस्वीरें, वीडियो और नक्शे इकट्ठा करने की कोशिश की थी। उन्होंने बताया कि राणा ने कथित तौर पर पेट्रापोल सीमा के ज़रिए बांग्लादेश भागने की योजना बनाई थी। जांचकर्ताओं को उसका पाकिस्तानी पासपोर्ट नंबर मिला, जिससे उसकी पहचान स्थापित करने में मदद मिली।
उन्होंने बताया कि पावेल नाम का एक संदिग्ध साथी कथित तौर पर सीमा के बांग्लादेशी हिस्से में उसका इंतज़ार कर रहा था, लेकिन उसके बारे में अभी कोई जानकारी नहीं है।
एसटीएफ इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या राणा ने बांग्लादेश में कोई मॉड्यूल बनाने की योजना बनाई थी। कथित तौर पर उसका मोबाइल फ़ोन नष्ट कर दिया गया था, जबकि उससे बरामद एक डायरी में नेपाल, पाकिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका के फ़ोन नंबर मिले हैं। जांचकर्ता अब इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या संवेदनशील जानकारी इकट्ठा करने के लिए राणा द्वारा बनाए जा रहे कथित नेटवर्क को मज़बूत करने में सनी की कोई भूमिका थी।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित