पुरी , जुलाई 21 -- श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) ने ओडिशा के एक वेब पोर्टल पर पैसे लेकर वीआईपी दर्शन और विशेष सुविधाएं देने की अफवाह फैलाने के खिलाफ सिंहद्वार थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है।

शिकायत के अनुसार ई-ओडिशा वेब पोर्टल ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो डालकर दावा किया था कि भक्त पैसे देकर भगवान जगन्नाथ के वीआईपी दर्शन का लाभ उठा सकते हैं। पोस्ट में बुकिंग के लिए संपर्क नंबर भी डाले गए थे। पोर्टल ने यह भी दावा किया कि ईओ जगन्नाथ धाम सहायक सेवा योजना के तहत वह खाजा (सूखा महाप्रसाद) उपलब्ध कराएगा, तीर्थयात्री संपर्क अधिकारी के माध्यम से बिना किसी परेशानी के दर्शन की व्यवस्था करेगा और भक्तों के लिए विशेष आरती सेवाओं का आयोजन करेगा।

एसजेटीए ने इन भ्रामक दावों को गंभीरता से लेते हुए सिंहद्वार पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने इस सिलसिले में मामला दर्ज कर लिया गया है और दावों की सच्चाई का पता लगाने तथा जिम्मेदार लोगों की पहचान करने के लिए जांच चल रही है। यह कार्रवाई रथयात्रा उत्सव के दौरान भक्तों को निशाना बनाने वाले साइबर धोखाधड़ी के मामलों में बढ़ती सतर्कता के बीच की गई है।

पुलिस ने बताया कि इससे पहले कई भक्तों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि फर्जी वेबसाइटों के जरिए ऑनलाइन होटल रूम बुक करने के बाद उनके साथ धोखाधड़ी हुई है। पुरी पहुंचने पर उन्हें पता चला कि ऐसी कोई बुकिंग हुई ही नहीं थी। धोखाधड़ी करने वालों ने तीर्थयात्रियों को ठगने के लिए मंदिर प्रशासन की चार 'भक्त निवास' सुविधाओं और अन्य प्रतिष्ठित होटलों के नामों का इस्तेमाल किया था।

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