फगवाड़ा , जून 24 -- पंजाब में फगवाड़ा स्थित गुरुद्वारा सुखचैन साहिब के मुख्य प्रवेश द्वार पर मंगलवार को "गुरु दोखी अते पंथ विरोधी" संदेश वाला एक फ्लैक्स बोर्ड लगाए जाने से श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों का ध्यान आकर्षित हुआ।
बताया जा रहा है कि यह बोर्ड स्थानीय प्रबंधक कमेटी द्वारा शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के निर्देशों के अनुपालन में लगाया गया है।प्राप्त जानकारी के अनुसार एसजीपीसी मुख्यालय, अमृतसर द्वारा 23 जून को जारी एक आधिकारिक पत्र के माध्यम से पंजाब के सभी एसजीपीसी प्रबंधित गुरुद्वारों के प्रबंधकों को निर्देश दिया गया था कि वे अपने-अपने गुरुद्वारों के मुख्य प्रवेश द्वारों पर पांच फुट आकार के फ्लैक्स बोर्ड प्रदर्शित करें। इन बोर्डों पर "गुरु दोखी अते पंथ विरोधी" संदेश अंकित करने तथा उन्हें 29 जून तक लगाए रखने के लिए कहा गया था।
सूत्रों के अनुसार यह निर्देश पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से जुड़े विवाद के संदर्भ में जारी किया गया है। आदेश जारी होने के बाद गुरुद्वारा सुखचैन साहिब की प्रबंधक कमेटी ने 23 जून को ही मुख्य द्वार पर उक्त फ्लेक्स बोर्ड स्थापित कर दिया। सामने आए दस्तावेजों के अनुसार एसजीपीसी ने संबद्ध गुरुद्वारों को निर्देश दिया था कि बोर्ड लगाने के बाद इसकी सूचना मुख्यालय को भी भेजी जाए। मंगलवार को गुरुद्वारे में आने वाले श्रद्धालुओं और आगंतुकों को यह बोर्ड स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
इस घटनाक्रम के बाद धार्मिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। विभिन्न पक्षों की प्रतिक्रियाओं पर नजर रखी जा रही है, जबकि हाल के दिनों में सिख धार्मिक संस्थाओं और संगठनों द्वारा उठाए गए मुद्दों को लेकर माहौल पहले से ही गर्म बना हुआ है।
अभी तक गुरुद्वारा सुखचैन साहिब में लगाए गए फ्लैक्स बोर्ड अथवा एसजीपीसी के निर्देशों को लेकर पंजाब सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।
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