जालंधर , फरवरी 18 -- श्री अकाल तख्त साहिब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी रघुवीर सिंह ने बुधवार को शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल पर पंजाब के मोहाली में स्थित गुरुद्वारा अंब साहिब की जमीन बेचने, 328 लापता स्वरूपों और गुरु की गोलक लूटने के आरोप लगाये।
ज्ञानी रघुवीर सिंह ने यहां एक प्रेस वार्ता में कहा कि मोहाली में बीते दिनों गुरुद्वारा अंब साहिब की बेशकीमती जमीन को बेचने को लेकर कड़ी आपत्ति दर्ज करायी और मुख्य रूप से सुखबीर सिंह बादल को निशाने पर लिया। उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) के अधीन आने वाली जमीनों को बेचकर कुछ लोग अपनी जेबें भर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने 328 पावन स्वरूपों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि यह मामला काफी समय से गरमाया हुआ है और सिख संगत में इसे लेकर भारी रोष है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में आरोप लगाया कि एसजीपीसी के भीतर पनप रहे भ्रष्टाचार के पीछे बादल परिवार का हाथ है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने की मांग की।
ज्ञानी रघुवीर सिंह ने कहा कि यह चोरी की बात नहीं है, यहां गुरु के घर की ज़मीनें सरकारी तरीके से बेची जा रही हैं। कभी-कभी गुरुघर का लंगर बेचकर करोड़ों रुपये बनाये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बार-बार बिल्डिंग बनाकर पैसे बढ़ाकर अपनी जेबें भर रहे हैं। ज्यादा किराया लेकर किराएदारों को दुकानें किराए पर दी जा रही हैं। अखंड साहिब के चढ़ावे में हेराफेरी का आरोप लगाते हुए ज्ञानी ने कहा कि पहले जब अखंड पाठ साहिब का चढ़ावा 8500 रुपयेथा, तो कुछ खास जगहों पर अखंड पाठ साहिब के लिए पांच लाख रुपये तक लिये गये।
ज्ञानी रघुवीर ने कहा कि उस समय जो गंभीर अपराध हुआ था, उसके लिए जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए थी। 1984 के घल्लूघारा कांड में, जिस घर से गुरु ग्रंथ साहिब जी महाराज का पवित्र स्वरूप और बहुत सारा साहित्य सेना ने सिख रेफरेंस लेबोरेटरी से छीन लिया था, उसे तोड़ दिया गया था। लेकिन बाद में, सेना ने कुछ पवित्र स्वरूप और लिटरेचर वापस भी किये थे। उनमें से, वह पवित्र स्वरूप जो सोशल मीडिया पर बहुत चर्चा में रहा, डॉ. अनुराग सिंह और दूसरों ने भी कई बार इसका ज़िक्र किया है कि जिस पवित्र स्वरूप पर गुरु साहिब जी के हस्ताक्षर थे, वह पवित्र स्वरूप कहां है।
उन्होंने कहा कि एसजीपीसी को संगत को बताना चाहिए कि क्या वह पवित्र स्वरूप सचखंड श्री हरमंदिर साहिब गुरुद्वारे में संगत को नहीं दिखाया जा रहा है।
ज्ञानी ने कहा कि श्री बादल ने इजहार आलम को, जिसने आलम सेना बनाकर सिख युवाओं का अपमान किया है, अकाली दल में शामिल किया है और पार्टी का टिकट दिया है। यह बहुत बड़ी गलती है और पंथ के साथ धोखा है। उन्होंने कहा, "मैं पूरे खालसा पंथ को एक कर रहा हूं ताकि पूरा खालसा पंथ, जिसमें सभी निहंग सिंह संगठन, पंथ, टकसाल, सिंह सभाएं, कमेटियां शामिल हैं, एक साथ आएं और सरबत खालसा का आह्वान करें और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को एक परिवार के नियंत्रण से आजाद कराने की कोशिश और वादा करें।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित