चंडीगढ़ , सितंबर 25 -- आम आदमी पार्टी (आप) के पंजाब मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने श्री आनंदपुर साहिब स्थित एसजीपीसी सराय से जुड़े विवाद को लेकर शिरोमणि अकाली दल और एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी पर सवाल उठाये हैं। उन्होंने कहा कि चार सदस्यीय जांच समिति गठित कर उसे 15 दिन का समय देना मामले को टालने और ठंडा करने का प्रयास है।
श्री पन्नू ने कहा कि अगर एसजीपीसी निष्पक्ष जांच चाहती है तो समिति में किसी सेवानिवृत्त सिख न्यायाधीश या अनुभवीपुलिस अधिकारी को शामिल क्यों नहीं किया गया। उन्होंने सवाल किया कि समिति के कनिष्ठ सदस्य उन वरिष्ठ नेताओं से कैसे पूछताछ करेंगे, जिनके नाम इस विवाद में सामने आये हैं। उन्होंने यह भी पूछा कि महिला को एसजीपीसी की सराय में इतने लंबे समय तक क्यों रखा गया और उसे वहां कौन लेकर आया। उन्होंने सरबजीत सिंह झिंजर और विरसा सिंह वल्टोहा की कथित भूमिका की भी जांच की मांग की।
आप नेता ने कहा कि विवाद से जुड़े मूल सवालों के बजाय महिला के खिलाफ कथित मामलों और उसके जेल में रहने को लेकर चर्चा की जा रही है। उन्होंने कहा कि ध्यान इस बात पर होना चाहिए कि सराय में क्या हुआ, महिला को वहां क्यों रखा गया और एसजीपीसी नेतृत्व को इसकी क्या जानकारी थी।
श्री पन्नू ने सुखबीर सिंह बादल, हरसिमरत कौर बादल और बिक्रम सिंह मजीठिया की कथित चुप्पी पर भी सवाल उठाये। उन्होंने कांग्रेस और भाजपा नेताओं पर भी मामले में चुप रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी और अकाली दल के नेताओं को सिख संगत के सवालों का जवाब देना चाहिए तथा समिति को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से मामले की जांच करनी चाहिए।
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