लखनऊ , दिसम्बर 11 -- संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई), लखनऊ इस वर्ष 12, 13 और 14 दिसंबर को अपने तीन प्रमुख आयोजन छठा शोध दिवस, छठा पूर्व छात्र दिवस और 42वां स्थापना दिवस मनाएगा। इस बार 14 दिसम्बर को स्थापना दिवस के मौके पर नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) के अध्यक्ष डॉ. अभिजात चंद्रकांत सेठ स्थापना दिवस अभिभाषण देंगे।

संस्थान में शोध दिवस मनाने की परंपरा वर्ष 2020 में निदेशक प्रो. आर. के. धीमन के नेतृत्व में संस्थान में शोध संस्कृति को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से प्रारम्भ हुई थी। डीन डॉ. शालीन कुमार ने कहा कि अनुसंधान एसजीपीजीआईएमएस के तीन प्रमुख स्तंभों में से एक है और यह स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप किफायती तथा गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देता है। अनुसंधान नवाचार को बढ़ावा देता है तथा स्वदेशी विकास और विनिर्माण को प्रोत्साहित करने वाली राष्ट्रीय दृष्टि का समर्थन करता है।

निदेशक प्रो. आर. के. धीमन ने संकाय और विद्यार्थियों में बढ़ती शोध-रुचि पर संतोष प्रकट करते हुए पोस्टर प्रस्तुतियों में हुई उल्लेखनीय वृद्धि की सराहना की। इस वृद्धि ने संस्थान में बाह्य और आंतरिक अनुसंधान अनुदानों में भी बढ़ोत्तरी की है।

संकाय प्रभारी, शोध प्रो. विनीता अग्रवाल ने बताया कि छठे शोध दिवस पर लेक्चर थिएटर परिसर में संकाय सदस्य, विद्यार्थी और शोधार्थी अपने शोध कार्य प्रस्तुत करेंगे। मुख्य व्याख्यान विश्व प्रसिद्ध आनुवंशिकीविद् डॉ. विनोद स्कारिया द्वारा दिया जाएगा।

सहायक प्रभारी, शोध डॉ. अतुल गर्ग ने बताया कि इस वर्ष कुल लगभग 320 पोस्टर (225 छात्र वर्ग और 95 संकाय वर्ग) प्रस्तुति के लिए प्राप्त हुए हैं जिनका मूल्यांकन देश के प्रमुख संस्थानों के वरिष्ठ विशेषज्ञ करेंगे। 14 दिसंबर को स्थापना दिवस समारोह में संकाय वर्ग के 16 तथा छात्र वर्ग के 24 पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे।

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