कानपुर , अक्टूबर 17 -- कानपुर के जिला निर्वाचन अधिकारी महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण के संबंध में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय एवं राज्यीय राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई।
बैठक में अर्हता तिथि एक जनवरी 2027 के आधार पर निर्धारित पुनरीक्षण कार्यक्रम, मतदाता पंजीकरण, मतदेय स्थलों के संभाजन तथा दावे एवं आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई। जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी राजनीतिक दलों से पुनरीक्षण कार्य में सक्रिय सहयोग करने की अपील की।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मतदेय स्थलों के संभाजन एवं पुनर्व्यवस्थापन की प्रक्रिया दो नवम्बर तक पूरी की जाएगी। इसके बाद 12 नवम्बर को एकीकृत मसौदा मतदाता सूची का प्रकाशन होगा। मतदाता सूची के संबंध में दावे एवं आपत्तियां 12 नवम्बर से 11 दिसम्बर तक दाखिल की जा सकेंगी। प्राप्त दावों एवं आपत्तियों का निस्तारण 28 दिसम्बर तक किया जाएगा तथा अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन चार जनवरी 2027 को होगा।
उन्होंने बताया कि मतदाता सूची में नया नाम सम्मिलित कराने के लिए फॉर्म-6, प्रवासी भारतीय मतदाताओं के पंजीकरण के लिए फॉर्म-6ए, नाम सम्मिलित किए जाने पर आपत्ति अथवा नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 तथा निवास परिवर्तन, प्रविष्टियों में संशोधन, मतदाता फोटो पहचान पत्र के प्रतिस्थापन एवं दिव्यांग मतदाता के रूप में चिह्नांकन के लिए फॉर्म-8 का उपयोग किया जाएगा। पात्र नागरिक संबंधित फॉर्म भरकर बूथ लेवल अधिकारी को उपलब्ध करा सकते हैं। इसके अतिरिक्त मतदाता सेवा पोर्टल अथवा ईसीआईनेट ऐप के माध्यम से भी ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि ऐसे पात्र नागरिक, जिनकी आयु 01 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष पूरी हो चुकी है, तथा वे युवा जो 01 जनवरी 2027 तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर लेंगे, मतदाता सूची में नाम सम्मिलित कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त 01 अप्रैल, 01 जुलाई एवं 01 अक्टूबर 2027 की अर्हता तिथियों पर 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवाओं से भी अग्रिम आवेदन प्राप्त किए जाएंगे। इन आवेदनों का निस्तारण संबंधित अर्हता तिथि की तिमाही में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि मतदेय स्थलों के संभाजन के दौरान सामान्यतः किसी भी मतदेय स्थल पर 1,200 से अधिक मतदाता नहीं रखे जाएंगे। नए मतदेय स्थलों के निर्धारण एवं मौजूदा मतदेय स्थलों के पुनर्व्यवस्थापन में भौतिक सत्यापन, मतदाताओं की सुविधा, परिवार के सदस्यों के नाम एक ही अनुभाग में रखने तथा मतदान केंद्र तक पहुंचने में होने वाली असुविधाओं को कम करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। मतदेय स्थलों की सीमाओं की स्पष्टता एवं भवनों की उपयुक्तता भी सुनिश्चित की जाएगी।
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