नयी दिल्ली , अगस्त 20 -- उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में गड़बड़ियों का आरोप लगाते हुए प्रदेश कांग्रेस के नेताओं ने गुरुवार को यहां चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर धरना दिया और पात्र मतदाताओं के नाम बहाल करने तथा अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की।

कांग्रेस की उत्तराखंड प्रभारी कुमारी सैलजा के नेतृत्व में प्रदेश कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल एसआईआर से जुड़ी शिकायतों को लेकर गुरुवार को चुनाव आयोग को ज्ञापन सौंपने निर्वाचन सदन पहुंचा लेकिन कांग्रेस प्रतिनिधि मंडल को आयोग से मिलने की इजाजत नहीं दी गई।

कांग्रेस नेताओं के अनुसार, वे पिछले आठ दिनों से आयोग से मिलने का समय मांग रहे थे, लेकिन समय नहीं दिया गया तो प्रतिनिधिमंडल आयोग कार्यालय के बाहर पहुंचा और अंदर जाने की इजाजत मांगने लगा लेकिन उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं मिली। इसके बाद नेता मुख्य द्वार के बाहर धरने पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। बाद में आयोग के कर्मचारी धरने पर बैठे कांग्रेस नेताओं से मिलने पहुंचे और उनसे ज्ञापन लिया।

कुमारी सैलजा ने आरोप लगाया कि उत्तराखंड में एसआईआर के नाम पर बड़ी गड़बड़ियां हो रही हैं और योग्य मतदाताओं के नाम मनमाने ढंग से मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। कई पात्र मतदाताओं को उनके निवास स्थान से अनुपस्थित बताया जा रहा है, जबकि युवा मतदाताओं को गलत तरीके से मृत घोषित किए जाने की शिकायतें भी सामने आई हैं। उनका कहना था कि दावे के लिए नोटिस जारी किए जाने का दावा किया जाता है, लेकिन नोटिस संबंधित लोगों तक नहीं पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही है।

कांग्रेस महासचिव ने कहा कि ने कहा कि चुनाव आयोग को सरकार की नीतियों से ऊपर उठकर स्वतंत्र रूप से अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी निभानी चाहिए और इन शिकायतों का पारदर्शी ढंग से समाधान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस उत्तराखंड के मतदाताओं के अधिकारों के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने कहा, "हमारा प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग को ज्ञापन देने आया था, लेकिन हमें अंदर नहीं जाने दिया गया। मजबूरन हमें कार्यालय के बाहर नारेबाजी करनी पड़ी और वहीं आयोग के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा।"प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि पार्टी कई दिनों से आयोग से मिलने का समय मांग रही थी, लेकिन समय नहीं मिला। उन्होंने कहा कि अपनी शिकायत आयोग के सामने रखने के लिए गेट तक आना कांग्रेस की मजबूरी बन गया। विपक्ष के नेता यशपाल आर्य ने आरोप लगाया कि उत्तराखंड में पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने संबंधित अधिकारियों के सामने शिकायतें रखीं, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि पार्टी इस मुद्दे पर एकजुट होकर संघर्ष करेगी।

संचार विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने आयोग के मुख्य द्वार पर ताला लगाए जाने को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतंत्र में चुनाव आयोग के दरवाजे जनता और उसके प्रतिनिधियों के लिए खुले होने चाहिए। उन्होंने कहा कि आठ दिन तक समय नहीं मिलने के कारण कांग्रेस को यहां आकर विरोध करना पड़ा। कांग्रेस नेता गुरदीप सप्पल ने कहा कि एसआईआर की निगरानी करने वाले चुनाव आयोग को राजनीतिक दलों और जनता की शिकायतें सुननी चाहिए। उन्होंने आयोग से अपनी संवैधानिक जिम्मेदारी निभाने की अपील की।

कांग्रेस नेताओं ने आयोग से एसआईआर के दौरान मतदाता सूची से हटाए गए पात्र मतदाताओं के नामों की जांच कर उन्हें बहाल करने, शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराने तथा कथित अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।

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