कोलकाता , फरवरी 21 -- कलकत्ता उच्च न्यायालय ने एक असाधारण प्रशासनिक कदम उठाते हुए 21 फरवरी से 09 मार्च तक जिला एवं सत्र न्यायाधीशों की सभी छुट्टियां रद्द कर दी हैं।

यह फैसला पश्चिम बंगाल में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया से जुड़े मामलों के शीघ्र निपटारे के उद्देश्य से लिया गया है।

औपचारिक अधिसूचना के अनुसार, इस अवधि में बिना उच्च न्यायालय की पूर्व अनुमति के कोई नयी छुट्टी भी स्वीकृत नहीं की जाएगी। वर्तमान में अवकाश पर चल रहे न्यायिक अधिकारियों को तत्काल ड्यूटी पर लौटने का निर्देश दिया गया है।

यह निर्णय मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद लिया गया, जिसमें तय किया गया कि सभी जिलों के सत्र न्यायाधीशों को एसआईआर से जुड़े दावों और आपत्तियों की दैनिक आधार पर सुनवाई के लिए लगाया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, लगभग 150 सत्र न्यायाधीश इस प्रक्रिया में शामिल हो सकते हैं।

बैठक में सात सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के नामों पर भी प्रारंभिक स्तर पर विचार किया गया, जिन्हें आगे के आदेशों के अधीन इस कार्य में लगाया जा सकता है। बैठक में मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल, अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी दिव्येंदु दास और अरिंदम नियोगी, निर्वाचन आयोग के विधि महानिदेशक विजय पांडे, राज्य के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, कोलकाता पुलिस आयुक्त, हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल और अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल मौजूद रहे।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि निर्धारित अवधि के दौरान एसआईआर से संबंधित कार्य को अन्य सभी न्यायिक दायित्वों पर प्राथमिकता दी जाएगी और सुनवाई में किसी तरह की बाधा न आए, इसके लिए प्रशासनिक एवं लॉजिस्टिक सहयोग सुनिश्चित किया जाएगा।

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