चेन्नई , नवंबर 09 -- तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एवं द्रमुक अध्यक्ष एमके स्टालिन ने कहा कि मतदान लोकतंत्र का मौलिक और निर्विवाद अधिकार है तथा उनकी पार्टी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के खिलाफ नहीं है लेकिन चुनाव आयोग की ओर से इसे विधानसभा चुनाव के नजदीक कराए जाने का विरोध करती है।

मुख्यमंत्री ने एसआईआर प्रक्रिया के लिए पर्याप्त समय नहीं दिए जाने का भी विरोध किया और एसआईआर को राज्य के लोगों के मतदान के अधिकार को छीनने वाला बताया।

श्री स्टालिन ने अपने वीडियो संदेश में जल्दबाजी में की जा रही इस प्रक्रिया के विरोध को उचित ठहराते हुए कहा कि मतदान का अधिकार लोकतंत्र का निर्विवाद और मौलिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि वर्तमान एसआईआर प्रक्रिया तमिलनाडु के सभी लोगों के मताधिकार के लिए खतरा है। उन्होंने कहा कि इसका विरोध करने के लिए द्रमुक ने एक हेल्पलाइन शुरू की है जो केवल द्रमुक सदस्यों के लिए ही नहीं बल्कि सभी के लिए है।

उन्होंने कहा, " न केवल पार्टी के पदाधिकारी बल्कि एसआईआर से प्रभावित सभी लोग हमारे द्वारा घोषित हेल्पलाइन नंबर 08065420020 पर संपर्क कर सकते हैं, ताकि वे अपनी शंकाओं का समाधान कर सकें और आवश्यक मार्गदर्शन प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा, "द्रमुक तमिलनाडु के लोगों के मताधिकार की रक्षा के लिए आपके सहयोगी के रूप में खड़ा होने के लिए तैयार है।"श्री स्टालिन ने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता एवं कांग्रेस नेता राहुल गांधी पहले ही बता चुके हैं कि किस प्रकार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने चुनाव आयोग के साथ मिलीभगत करके मतदाता सूची में धोखाधड़ी की है।

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