दीमापुर , अक्टूबर 22 -- नागालैंड में वर्ष 2026 में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान जिले के तीन विधानसभा क्षेत्रों में कुल 36,629 मतदाताओं के नाम हटाये गये हैं जिसके बाद मसौदा मतदाता सूची में मतदाताओं की कुल संख्या वर्ष 2025 के 1,25,703 से घटकर 89,074 रह गयी है।
दीमापुर के उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी टिनोजोंगशी चांग ने गुरुवार को उपायुक्त कार्यालय में मतदाता सूची के एसआईआर-2026 की समीक्षा बैठक के दौरान दीमापुर जिले के लिए मसौदा मतदाता सूची के प्रकाशन से संबंधित सारांश रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए बताया कि दीमापुर-1 विधानसभा क्षेत्र में 8,749 मतदाताओं के नाम हटाये गये हैं। इससे इस क्षेत्र में मतदाताओं की संख्या वर्ष 2025 के 25,525 से घटकर मसौदा सूची में 16,776 रह गयी है। दीमापुर-2 विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2025 में 60,920 मतदाता थे। इनमें से 19,605 नाम हटाये जाने के बाद मसौदा सूची में 41,315 मतदाता रह गये हैं। वहीं, दीमापुर-III विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2025 में 39,258 मतदाता थे। यहां 8,275 नाम हटाये जाने के बाद मसौदा सूची में मतदाताओं की संख्या 30,983 रह गयी है।
बैठक में पुनरीक्षण प्रक्रिया के तहत नोटिस तैयार करने और उन्हें पहुंचाने की प्रगति के साथ-साथ प्राप्त प्रपत्रों और उनके निपटारे की स्थिति की जानकारी भी दी गयी। बाइस अक्टूबर तक कुल 53,806 नोटिस तैयार किये जाने थे, जिनमें से 53,797 तैयार कर लिए गये हैं। इनमें से 50,835 नोटिस संबंधित लोगों तक पहुंचाए जा चुके हैं, जबकि 2,962 नोटिस पहुंचाए जाने बाकी हैं।
तीनों विधानसभा क्षेत्रों में 26 जुलाई से 20 अक्टूबर के बीच कुल 2,943 प्रपत्र प्राप्त हुए। इनमें से 939 प्रपत्रों का निपटारा होना बाकी है।
बैठक में दीमापुर जिले की मतदाता सूची पर्यवेक्षक सोत्सुला, निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ), सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एईआरओ) और जिले में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
श्रीमती सोत्सुला ने क्षेत्रीय सत्यापन के दौरान सामने आई समस्याओं के बारे में जानकारी ली। इनमें मृत्यु से जुड़े मामले, नामों की वर्तनी में गलतियां तथा निर्वाचन अधिकारियों या राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को पेश आने वाली अन्य कठिनाइयां शामिल थीं। उन्होंने मतदाता सूची के सटीक, पारदर्शी और अद्यतन रिकॉर्ड बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि जिन मामलों में लोग प्रपत्र लेने से इनकार करते हैं, उनमें उचित साक्ष्य सुरक्षित रखे जाने चाहिए।
श्रीमती सोत्सुला ने अधिकारियों और राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे अपनी किसी भी समस्या या चिंता से उन्हें अवगत करायें, ताकि उन मुद्दों का उचित समाधान किया जा सके।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित