नयी दिल्ली, 19 जनवरी ((वार्ता) कांग्रेस ने राजस्थान में विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि प्रदेश की भाजपा सरकार चुनाव आयोग के साथ मिलकर कांग्रेस को चुनाव में नुकसान पहुंचाने की साजिश कर रही है।
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और विधानसभा में विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने सोमवार को यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि राजस्थान में भी एसआईआर के नाम पर लोकतंत्र पर सीधा हमला किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में कांग्रेस समर्थकों के वोट काटने की साजिश बन चुकी है और भाजपा के शीर्ष नेताओं के राजस्थान दौरे के बाद मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा तेज हो गया है।
उन्होंने कहा कि आरोप लगाया कि मतदाता सूची में करीब 45 लाख मतदाताओं को अनुपस्थित, स्थानांतरित या मृत दिखा दिया गया है और उनके नाम काट दिए गये हैं। उनका कहना था कि तीन जनवरी तक एसआईआर प्रक्रिया सामान्य रूप से चल रही थी, लेकिन उसी दिन भाजपा के संगठन महासचिव बीएल संतोष के राजस्थान दौरे के बाद अचानक वोट जोड़ने और काटने का खेल शुरू हो गया।
आयोग की वेबसाइट के आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि 17 दिसंबर से 14 जनवरी के बीच भाजपा के 937 बीएलए ने 211 नाम जोड़ने और 5,694 नाम काटने के आवेदन दिए, जबकि कांग्रेस के 110 बीएलए ने 185 नाम जोड़ने और महज दो नाम हटाने के आवेदन किए। गृहमंत्री अमित शाह के राजस्थान दौरे के दौरान तीन से 13 जनवरी के बीच गुप्त रूप से नाम काटने की प्रक्रिया तेज हई है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि हर विधानसभा क्षेत्र में 10 से 15 हजार फर्जी कंप्यूटरीकृत फॉर्म प्रिंट कराए गए, जिन पर बीएलए के फर्जी हस्ताक्षर हैं। उनका कहना था कि 13, 14 और 15 जनवरी को हजारों फॉर्म जमा कर मतदाताओं के नाम हटाए गए, खासतौर पर उन विधानसभा क्षेत्रों में जहां कांग्रेस ने चुनाव जीते थे।
कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आयोग और उच्चतम न्यायालय से मांग की कि राज्य में जमा किए गए सभी फॉर्मों की फॉरेंसिक जांच कराई जाए, यह पता लगाया जाए कि फॉर्म कहां छपे, किसने छपवाए और किसके माध्यम से उन्हें असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर्स के कार्यालयों तक पहुंचाया गया।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित