चंडीगढ़ , मई 16 -- पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार को कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) राज्य में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के तहत एक भी असली वोट कटने नहीं देगी।

श्री मान ने यहां संवाददाताओं से कहा कि आप के नेता और कार्यकर्ता राज्य के हर बूथ पर बूथ लेवल ऑफिसर्स (बीएलओ) के साथ मौजूद रहेंगे, ताकि मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया में किसी तरह की अनियमितता न हो सके। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राज्यों में मतदाता सूचियों में बड़े स्तर पर गड़बड़ियों और फर्जी वोट जोड़ने की शिकायतें सामने आई हैं, लेकिन पंजाब में ऐसी किसी भी कोशिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरुरी है कि हर वास्तविक मतदाता का नाम सुरक्षित रहे और उसे बिना किसी डर या रुकावट के अपने मतदान के अधिकार का इस्तेमाल करने का मौका मिले। उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि इस पूरी प्रक्रिया पर नजर रखेंगे। देश के कई राज्यों से लाखों असली वोट हटाने और सत्यापन प्रक्रिया में हेरफेर की शिकायतें सामने आई हैं, जिससे लोगों में चिंता बढ़ी है। उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग ऐसी किसी भी कार्रवाई को राज्य में नहीं होने देंगे।

श्री मान ने कहा, "लोकतंत्र तब कमजोर होता है जब लोगों का चुनावी प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसा कम होने लगता है। चुनाव आयोग को पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ यह प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए।" उन्होंने चुनाव आयोग से मांग की कि राजनीतिक दलों और लोगों द्वारा उठाई गई आपत्तियों का तुरंत और निष्पक्ष समाधान किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन लोगों की मृत्यु हो चुकी हैं या स्थायी रूप से विदेश जाकर विदेशी नागरिकता ले चुके हैं, उनके नाम मतदाता सूची से हटाए जाना स्वाभाविक है। लेकिन किसी वास्तविक निवासी को मतदान के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।

उन्होंने बताया कि पंजाब में अब तक लगभग 83 प्रतिशत वोटर मैपिंग का काम पूरा हो चुका है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए सत्यापन प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लें।

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